मेदनी चौकी लखीसराय से रंजीत कुमार शर्मा की रिपोर्ट: सूर्यगढ़ा-मुंगेर एनएच 80 सड़क इन दिनों किसानों की लापरवाही के कारण हादसों का केंद्र बनी हुई है. मेदनीचौकी थाना अंतर्गत खावा से लेकर देवघरा और मिल्की तक कई किलोमीटर के दायरे में किसानों ने नेशनल हाईवे को ही अपना खलिहान बना लिया है. सड़क पर मकई के भुट्टे रखने, दौनी करने और दाने सुखाने के कारण आवागमन बेहद खतरनाक हो गया है.
संकीर्ण हुई सड़क, संतुलन बिगड़ने का खतरा
दियारा क्षेत्र से मकई की फसल कटने के बाद किसान उसे सीधे वाहनों से एनएच पर लाकर पसार दे रहे हैं. सड़क के दोनों किनारों पर मकई की परत बिछी होने के कारण वाहनों के चलने के लिए बेहद संकीर्ण रास्ता बचा है. मकई के दानों पर वाहनों के टायर फिसलने और संतुलन बिगड़ने की आशंका हर वक्त बनी रहती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह ‘खलिहानी कार्य’ लगभग एक महीने तक चलता है, जिससे राहगीरों की जान हर पल संकट में रहती है.
प्रशासनिक चुप्पी और किसानों का निजी स्वार्थ
क्षेत्र के सैकड़ों किसान मकई उपजाते हैं, लेकिन कुछ ही किसान निजी स्वार्थ और जगह की कमी का हवाला देकर हाईवे का अतिक्रमण कर रहे हैं. विडंबना यह है कि इसी सड़क से जिले के कई जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि प्रतिदिन गुजरते हैं, लेकिन इस गंभीर समस्या पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. जब तक प्रशासन हरकत में आता है, तब तक किसानों का काम पूरा हो जाता है और मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है.
थानाध्यक्ष ने दी सख्त चेतावनी, होगी कार्रवाई
सड़क पर बढ़ते खतरे को देखते हुए मेदनीचौकी थानाध्यक्ष चितरंजन कुमार ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने बताया कि एनएच 80 पर मकई पसारकर अतिक्रमण करने वाले किसानों को चिन्हित किया जा रहा है. फिलहाल माइकिंग के जरिए किसानों को सड़क खाली करने और इस गतिविधि पर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी जा रही है. थानाध्यक्ष ने साफ कर दिया है कि चेतावनी के बावजूद यदि किसान नहीं माने, तो उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
