परेशानियों से जूझने को विवश हैं मरीज

परेशानियों से जूझने को विवश हैं मरीज फोटो : 3( प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खैरा का फोटो)खैरा . राज्य सरकार स्वास्थ्य में सुधार के लिए लाख दावा कर ले, परंतु यह ठीक होने के बजाय और बिगड़ती चली जा रही है. लोगों के स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लाखों रुपये खर्च कर रही […]

परेशानियों से जूझने को विवश हैं मरीज फोटो : 3( प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खैरा का फोटो)खैरा . राज्य सरकार स्वास्थ्य में सुधार के लिए लाख दावा कर ले, परंतु यह ठीक होने के बजाय और बिगड़ती चली जा रही है. लोगों के स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लाखों रुपये खर्च कर रही है. लेकिन वह धरातल पर नहीं पहुंच देखने को पा रही है. कुछ ऐसा ही नजारा प्राथमिक स्वास्थ्य खैरा में देखने को मिल रहा है. चिकित्सकों के फरार रहने से आये दिनों मरीजों को इलाज कराने में परेशानी हो रही है. वैसे तो खैरा अस्पताल में प्रत्येक दिन सैकड़ों की संख्या में मरीज तो आते है, लेकिन डॉक्टर नहीं रहने के कारण वे वापस लौट कर निजी क्लिनिक में अपना इलाज कराने को विवश हैं. डॉक्टर द्वारा इलाज की खानापूर्ति करने के बाद पूरजा थमा कर बाहरी दुकान से दवा खरीदने की सलाह दी जाती है. वहीं स्वास्थ्य केंद्र में इलाजरत मरीज या प्रसूति महिलाओं को खुले बेड जमीन पर लिटा कर ऑपरेशन किया जाता है. वहीं डॉक्टर स्वीकृत 5 पद में से 4 ही पदस्थापित हैं तथा एएनएम के स्वीकृत 38 पद में से 35 ही पदस्थापित है. सफाई कर्मी स्वीकृत पद महिला और पुरुष में 2 पदस्थापित है. इसके बावजूद भी साफ सफाई नगण्य है. ऑपरेशन कराने आयी चितखार के दुलो देवी ने बतायी कि अस्पताल में दस्त की गंध पूरे वार्ड में आती रही. परंतु उसकी सफाई नहीं होती है. मरीजों को बेड पर बिना चादर के ही लेटा दिया जाता है और कई तरह का जांच बाहर से कराने के लिए लिख दिया जाता है. खैरा निवासी अंतु रावत की माने तो रात में इमरजेंसी में कोई डॉक्टर नहीं रहता है. जिसके कारण काफी परेशानी होती है. यदि रात के समय कोई मरीज गलती से भी अस्पताल पहुंच जाये तो उसका इलाज संभव नहीं हो पाता है. मरीज रेशमी देवी ने बताया कि हमलोगों को इस ठंड में बरामदे पर ही सोने के लिए विवश होना पड़ता है और रातभर हमलोग मच्छरों के आतंक से त्रस्त रहते हैं. कहते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी इस बाबत पूछे जाने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ टीएन प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में व्याप्त सभी समस्याओं को शीघ्र ही प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जायेगा और फरार रहने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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