गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल रही आयरन की गोलीप्रतिनिधि, सूर्यगढ़ामातृ व शिशु की मृत्यु दर में कमी लाने व बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिये राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सरकार द्वारा कई योजनाएं शुरू की गयी हैं. इन्हीं में से एक गर्भवती महिलाओं को एएनसी टीकाकरण की योजना है. स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर एएनसी के तहत गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच व आयरन फोलिक एसिड की गोली दी जाती है. गर्भवती महिलाएं प्रतिदिन एक गोली का सेवन करती है. सरकार इसे गर्भवती महिलाओं को मुफ्त में मुहैया कराती है. लेकिन पिछले छह माह से सूर्यगढ़ा पीएचसी सहित अन्य जगहों पर आयरन फोलिक एसिड की गोली गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल पा रही है. सरकारी आंकड़ा के मुताबिक 87 फीसदी से अधिक महिलाएं खून की कमी यानि एनिमियां की शिकार हैं. आयरन की गोली गर्भवती महिलाओं को बेहतर देखभाल व खून की कमी को पूरा करने व बेहतर स्वास्थ्य के लिये दी जाती है. इसके नियमित सेवन से गर्भवती महिला व उसका बच्चा कुपोषण से बचा रहता है. स्वास्थ्य विभाग के द्वारा गर्भवती माताओं को चिह्नित कर मदर-चाइल्ड की ट्रैकिंग भी की जाती है. इसका उद्देश्य जच्चा व बच्चा को स्वस्थ रखना है. वर्ष 2014 से 2018 तक कुपोषण मुक्त बिहार का लक्ष्य रखा गया है. ऐसे में स्वास्थ्य केंद्रों में आयरन व फोलिक एसिड की गोली की अनुपलब्धता से इस अभियान को नि:संदेह धक्का लगा है. चालू वित्तीय वर्ष में सूर्यगढ़ा में 72 सौ गर्भवती महिलाओं के प्रसव का लक्ष्य रखा गया है. अप्रैल 2015 से अक्तूबर 2015 तक 2253 प्रसव कराया गया. आयरन व फोलिक एसिड के गोली की कमी के कारण महिलाओं का प्रसव कुपोषण को आमंत्रण देता प्रतीत हो रहा है. इससे जच्चा व बच्चा के जान पर खतरा बना रहता है.क्या कहते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारीप्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा सत्येंद्र कुमार ने बताया कि आयरन की गोली की कमी की जानकारी विभाग को दी गयी है. बाजार से आयरन की गोली खरीदने का निर्देश दिया गया है.
गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल रही आयरन की गोली
गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल रही आयरन की गोलीप्रतिनिधि, सूर्यगढ़ामातृ व शिशु की मृत्यु दर में कमी लाने व बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिये राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सरकार द्वारा कई योजनाएं शुरू की गयी हैं. इन्हीं में से एक गर्भवती महिलाओं को एएनसी टीकाकरण की योजना है. स्वास्थ्य विभाग के निर्देश […]
