ठंड से बच्चों और बूढ़ों को विशेष बचाव की जरूरत

ठंड से बच्चों और बूढ़ों को विशेष बचाव की जरूरत ठंड का बढ़ता प्रकोप बच्चों और बूढ़ों के लिए बन सकता है परेशानी का सबबबच्चे और बूढ़े विशेष रूप से करे गर्म कपड़ों का उपयोगफोटो : 11(जानकारी देते चिकित्सक डाॅ अंजनी कुमार सिन्हा)जमुई : बढ़ते हुए ठंड के प्रकोप से नवजात बच्चों और 60 वर्ष […]

ठंड से बच्चों और बूढ़ों को विशेष बचाव की जरूरत ठंड का बढ़ता प्रकोप बच्चों और बूढ़ों के लिए बन सकता है परेशानी का सबबबच्चे और बूढ़े विशेष रूप से करे गर्म कपड़ों का उपयोगफोटो : 11(जानकारी देते चिकित्सक डाॅ अंजनी कुमार सिन्हा)जमुई : बढ़ते हुए ठंड के प्रकोप से नवजात बच्चों और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को विशेष बचाव की आवश्यता है. क्योंकि ठंड का असर इनदोनों पर अधिक पड़ता है. नवजात व छोटे बच्चों के शरीर को ठंड में ऊनी कपड़ों से पूर्णरूपेण ढ़ंक कर रखने की जरूरत है. क्योंकि ठंड की वजह से निमोनिया होने से जहां नवजात बच्चों की जान जा सकती है. उक्त बातों की जानकारी चिकित्सक डा. अंजनी कुमार सिन्हा ने दी. उन्होंने बताया कि बच्चों के सिर व कान को हर हाल में ढ़ंक कर रखें और छोटे बच्चों का बिछावन या कपड़ा रात में हरगिज गीला नहीं रहने दे. बच्चों को गर्म खाना दें और नवजात बच्चों को सुबह या शाम में बिल्कुल बाहर नहीं निकाले. उनके सिर से पैर तक ढ़ंक कर रखें. क्योंकि ठंड लगने से निमोनिया होने पर उनकी जान जा सकती है. वहीं 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को भी ठंड में सुबह में मॉर्निग वॉक नहीं करें और धूप निकलने पर घर में ही व्यायाम करें. गर्म भोजन लें तथा रक्तचाप व मधुमेह की नियमित जांच कराये. ऊनी कपड़े का भरपूर उपयोग करें तथा तेल व मसालायुक्त भोजन से बिल्कुल परहेज करें. उच्च रक्तचाप बढ़ने से हर्ट अटैक या ब्रेन हैम्ब्रेज से उनकी जान भी जा सकती है. इसलिए विशेष रूप से सावधानी बरतें.

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