संसाधनों की कमी का रोना रो रहा महिला कॉलेज

संसाधनों की कमी का रोना रो रहा महिला कॉलेज फोटो : 3(श्यामा प्रसाद सिंह महिला कॉलेज का भवन)जमुई . जिला मुख्यालय स्थित एकमात्र श्यामा प्रसाद सिंह महिला कॉलेज संसाधनों के कमी की वजह से अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को विवश है. कॉलेज कर्मियों की माने तो सन 1979 में महिला कॉलेज के स्थापना हुई […]

संसाधनों की कमी का रोना रो रहा महिला कॉलेज फोटो : 3(श्यामा प्रसाद सिंह महिला कॉलेज का भवन)जमुई . जिला मुख्यालय स्थित एकमात्र श्यामा प्रसाद सिंह महिला कॉलेज संसाधनों के कमी की वजह से अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को विवश है. कॉलेज कर्मियों की माने तो सन 1979 में महिला कॉलेज के स्थापना हुई थी और 31 दिसंबर 1982 को इस कॉलेज को भागलपुर विश्वविद्यालय के द्वारा संबद्धता प्रदान की गयी थी,लेकिन आज तक राज्य सरकार के द्वारा मान्यता नहीं दी गयी है. जिसके कारण कॉलेज की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है. कहने को तो कॉलेज के पास अपना भवन, प्रयोगशाला, कंप्यूटर रूम, परीक्षा भवन, भंडार गृह आदि है और वर्तमान समय में कॉलेज में इंटर कला और विज्ञान में कुल 1894 छात्राएं नामांकित हैं. वहीं स्नातक कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय को मिला कर कुल 2062 छात्राएं नामांकित है. लेकिन कॉलेज के पास पर्याप्त भवन नहीं होने के कारण 1500 से अधिक छात्राओं को एक साथ बैठाने की व्यवस्था नहीं है. कॉलेज को 40 विषयों में संबंद्धता प्राप्त है. लेकिन वर्तमान समय पर मात्र 24 विषयों की पढ़ाई हो रही है. वर्ष 2013 से पूर्व कॉलेज में स्नातक स्तर पर पढ़ाई होती थी. लेकिन वित्तीय वर्ष 13-14 से स्नातक कोर्स की पढ़ाई प्रारंभ हो गयी है. सबसे बदतर हालत को कॉलेज के शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों की है. राज्य सरकार से मान्यता नहीं मिलने के कारण इन्हें वेतन नहीं मिल पाता है. जिसकी वजह से पठन-पाठन बाधित होती चली जा रही है. कहते हैं प्रधानाचार्य इस बाबत पूछे जाने पर प्रधानाचार्य अनिल कुमार सिन्हा ने बताया कि कॉलेज के मान्यता के लिए राज्य सरकार को लिखा गया है और भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा भी मान्यता हेतु राज्य सरकार को अनुशंसा भेजी गयी है. लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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