शराब बंदी की घोषणा का स्वागत

शराब बंदी की घोषणा का स्वागत सूर्यगढ़ा. गांव गांव व शहर के हर मुहल्ले में खुली शराब की दुकान से सामाजिक सद्भाव दिन प्रति दिन बिगड़ता जा रहा है. लोग मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करने के बजाय शराब के नशे में चूर रहते हैं. जो लोग कमाते हैं उसका दो तिहाई हिस्सा […]

शराब बंदी की घोषणा का स्वागत सूर्यगढ़ा. गांव गांव व शहर के हर मुहल्ले में खुली शराब की दुकान से सामाजिक सद्भाव दिन प्रति दिन बिगड़ता जा रहा है. लोग मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करने के बजाय शराब के नशे में चूर रहते हैं. जो लोग कमाते हैं उसका दो तिहाई हिस्सा शराब के सेवन में खर्च कर देते हैं. स्कूली बच्चे भी पढ़ाई छोड़ कर नशा का सेवन करने लगे थे. इससे ज्यादा परेशानी महिलाओं को झेलनी पड़ती थी. महिलाओं पर छींटाकशी, छेड़खानी, दुराचार, अपहरण के साथ ही महिला घर मे भी सुरक्षित नहीं रह पाती थी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराब पर पूर्ण रूपेण बंदी कर सामाजिक बुराई पर पाबंदी लगायी है. जिससे अमन पसंद लोग एवं महिलाओं ने सराहना की है. इन लोगों ने बताया कि शराब बंदी से सामाजिक बुराईयों पर पाबंदी लग सकेगी. इसके अलावा शराब के नशे में लोग वाहन को सही गति से परिचालन नहीं कर अधिक गति से परिचालन करते थे. जिससे दुर्घटना बढ़ गयी थी. इस बाबत समाज सेवी अमरेश सिंह, विजय डीलर, पैक्स अध्यक्ष रामानुज सिंह, प्रियरंजन सिंह सहित कई लोगों ने सराहना करते हुए कहा कि शराब बंद होने से गरीब तबके के लोगों को आर्थिक तंगी में सुधार होगा. घरेलू हिंसा व फिजूलखर्ची पर पाबंदी लगेगी. लोगों ने बताया कि समाज की एक बड़ी आबादी शराब के लत से इस कदर डूब चुके हैं कि अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा शराब पीने पर खर्च कर देते हैं. जिससे उनके परिवार के समक्ष हमेशा आर्थिक तंगी बनी रहती है. इससे उनके बच्चे की पढ़ाई सहित अन्य विकास बाधित होता है. शराब बंदी से सामाजिक समरसता बढ़ेगा. आर्थिक नुकसान से बचाव होगा तथा समाज में आर्थिक संपन्नता बढ़ेगी.

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