लखीसराय : धान खरीद का मामला बिहार में जोर पकड़ रहा है. सुखाड़ की मार से किसान बदहाल हैं. सूखाग्रस्त क्षेत्र सरकार को लखीसराय के अलावे 10 वैसे जिले जो सूखे के चपेट में है, सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करना चाहिये. जहां आज तक आजादी के बाद से सिंचाई की व्यवस्था नहीं बन पायी.
37 वर्ष कांग्रेस, 15 वर्ष राजद व 10 वर्ष जदयू ने बिहार में राज किया फिर तीनों पार्टी मिलकर शासन में आयी. जिससे बिहार की जनता खासकर किसान की उपेक्षा बढ़ी है. उक्त बातें शुक्रवार को प्रेसवार्ता के दौरान क्षेत्रीय विधायक विजय कुमार सिन्हा ने अपने पार्टी कार्यालय में कही. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस टाल योजना को लेकर राजनीति की शुरूआत किये थे उस टाल योजना के जल प्रबंधन कार्य को जल्द पूरा करें.
पिछले विधानसभा सत्र में सात बार इस मामले को उठाया जिस पर तत्कालीन जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने डीपीआर बनवा रहे हैं. यही अश्वासन दिये थे. लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. इस बार विधानसभा सत्र में दर्जनों सूखाग्रस्त क्षेत्र के जिला को सुखाग्रस्त घोषित करने की मांग करेंगे. इस बार सरकार ने धान की क्रय पर बोनस की घोषणा नहीं की, जबकि पिछले बार तीन सौ रुपये की बोनस दी जा रही थी. इस बार भी किसानों को उचित खरीदारी के साथ बोनस भी दिया जाये.
उन्होंने कहा कि 25 नवंबर से ही धान की खरीदारी के लिए घोषणा की गयी लेकिन एक भी जगह धान की खरीद की व्यवस्था नहीं हो पायी है. पिछले साल दर्जनों मिलरों के ऊपर मामला दर्ज किया गया इस बार बिचौलिये के दूर रखते हुए सीधे मीलरों को धान की क्रय करने दिया जाये
जिससे धान लेने में मिलर परेशान न हो और किसान भी आसानी से धान बेच सके. 100 क्विंटल वैधता को भी हटाया जाये किसान जितने भी धान लाये उसकी खरीद पैक्स के माध्यम से की जानी चाहिए. मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष छेदी प्रसाद गुप्ता भाजयुमो जिलाध्यक्ष धीरज कुमार, उपाध्यक्ष पप्पू सिंह, महामंत्री विकास आनंद, प्रखंड अध्यक्ष विपीन कुमार सिंह, अमरजीत प्रजापति, विजय सिंह आदि मौजूद थे.
