ग्राहकों को खरीदारी में नहीं मिलती रसीद.

चानन : प्रखंड के एकलौता बाजार मननपुर की स्थापना 80 वर्ष पूर्व चाय पकौड़े की दुकान से हुई थी. आज इस बाजार में रोजमर्रा की सारी सुविधा उपलब्ध है. सिर्फ मेडिकल सेवा को छोड़कर सभी सामान आसानी से उपलब्ध हो जाता हैं. ऐसे मननपुर बाजार सब्जी के लिए जाने जाते हैं. वहीं देवाचक, कुन्दर, गोपालपुर, […]

चानन : प्रखंड के एकलौता बाजार मननपुर की स्थापना 80 वर्ष पूर्व चाय पकौड़े की दुकान से हुई थी. आज इस बाजार में रोजमर्रा की सारी सुविधा उपलब्ध है. सिर्फ मेडिकल सेवा को छोड़कर सभी सामान आसानी से उपलब्ध हो जाता हैं. ऐसे मननपुर बाजार सब्जी के लिए जाने जाते हैं.

वहीं देवाचक, कुन्दर, गोपालपुर, रेवटा, चुरामनबीघा, मननपुर, बसुआचक, महुलिया, कुरांव, भलुई, रमलबीघा, संग्रामपुर, भंडार, इटौन, मानपुर, मलिया, नगरदार, महेशपुर, हरवंशपुर, बन्नु बगीचा, बरारे, जानकीडीह, खुटूकपार, बंशीपुर, रामनगर सहित दर्जनों गांव के लोग अपनी रोजमर्रा की खरीदारी के लिए मननपुर बाजार आते हैं लेकिन यहां खरीदारी के लिए आने वाले ग्राहकों को रसीद उपलब्ध नही हो पाता है.

काला बाजारी के कारण दुकानदार मालामाल हो रहे हैं. ग्राहकों को यहां अंकित मूल्य या उससे अधिक कीमत चुका कर सामान की खरीदारी करनी होती है. इस बाजार में लगभग तीन सौ दुकानें हैं. हर रोज हजारों ग्राहक खरीदारी के लिए बाजार आते हैं. लेकिन यहां ग्राहक जागरूकता अभियान पुरी तरह दम तोड़ता नजर आता हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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