पूर्णाहूति के साथ हवन व प्रवचन संपन्न फोटो : 2(हवन कराते संत आनंद पुरूषार्थी जी महाराज)जमुई . आर्य समाज खैरमा का 65 वां वार्षिकोत्सव बुधवार को 25 कुंडीय हवन के साथ संपन्न हुआ. इस दौरान दर्जनों श्रद्धालु भक्तों ने हवन में भाग लिया. मौके पर उपस्थित अंतरर्राष्ट्रिय ख्याति प्राप्त आचार्य आनंद पुरुषार्थी जी महाराज ने श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए बताया कि सबसे प्राचीन वैदिक धर्म है.जब परमेश्वर ने लगभग दो सौ करोड़ वर्ष पूर्व इस सृष्टि की रचना की थी तभी चार ऋषियों के माध्यम से चार वेदों का ज्ञान प्रदान किया. तब से महाभारत काल पर्यंत केवल वेदों का ही पठन -पाठन पूरे विश्व में होता था. पूरे विश्व के ऊपर वेद की अनुगानी में राजाओं का चक्रवर्ती साम्राज्य रहा. यह बात अति प्रासंगिक हैं. इस दौरान आचार्य जी ने अगली पीढ़ी को नैतिक मानवीय मूल्यों से जोड़े रखने की मार्मिक अपील किया. मौके पर खगडि़या जिला से आयी मधुर गायिका श्री मति ऋचा योगमयी व समस्तीपुर जिला से आये(आकाशवाणी गायक) पंडित कपिल आर्य व नेपाल देश से आये पंडित ज्ञानचंद्र आर्य तथा व्योवृद्ध 91 वर्ष के वान प्रस्थी संत मुनीश्वर जी महाराज ने विभिन्न विषयों के साथ पारिवारिक संतुलन रखने की विधा को भजन के माध्यम से प्रस्तुत किया. मौके पर उन्होंने लोगों से योग को अपने जीवन में अपनाने एवं आर्य समाज के सिद्धांतों को अपनाने का भी आग्रह किया. इस दौरान स्थानीय आर्य समाज के सदस्यों के ओर से लंगर का भी आयोजन किया गया. मौके पर बासुदेव साह,भगवान साह,देवंति देवी,भोला प्रसाद,दिलीप आर्य ,नरेश सिंह,नरेश आर्य,रंजय कुमार सहित खैरमा के सैंकड़ो लोगों उपस्थित थे.
पूर्णाहूति के साथ हवन व प्रवचन संपन्न
पूर्णाहूति के साथ हवन व प्रवचन संपन्न फोटो : 2(हवन कराते संत आनंद पुरूषार्थी जी महाराज)जमुई . आर्य समाज खैरमा का 65 वां वार्षिकोत्सव बुधवार को 25 कुंडीय हवन के साथ संपन्न हुआ. इस दौरान दर्जनों श्रद्धालु भक्तों ने हवन में भाग लिया. मौके पर उपस्थित अंतरर्राष्ट्रिय ख्याति प्राप्त आचार्य आनंद पुरुषार्थी जी महाराज ने […]
