नवजात बच्चों व बूढ़ों को ठंड से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत फोटो : 8(जानकारी देते डा. अंजनी कुमार सिन्हा)जमुई : लगातार बढ़ते हुए ठंड के प्रकोप से नवजात बच्चों व बूढ़ों को बचाव हेतु विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. क्योंकि ठंड का सर्वाधिक असर बच्चों व बूढ़ों पर ही पड़ता है. चिकित्सक डाॅ अंजनी कुमार सिन्हा की माने तो नवजात व कुपोषित बच्चों को ठंड से बचाव के लिए सिर को हर हमेशा ढंक कर रखे. पेशाब व पैखाना के बाद बच्चों का बिछावन तुरंत बदल दें. क्योंकि बिछावन गीला रहने के कारण ठंड लगने की संभावना रहती है और ठंड की वजह से नवजात शिशुओं की मृत्यु भी हो सकती है. 6 माह से उपर के बच्चों को हर हाल में गर्म खाना दे. तेज बुखार,खांसी या सांस तेज चलने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें. वहीं 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को ठंड से विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है. क्योंकि ठंड में सांस की बीमारी तेज हो जाती है. ठंड लगने से निमोनिया,ब्रौंकाईिटस,टॉनसील आदि होने की संभावना रहती है. ठंड में दम्मा की शिकायत भी तेज हो जाती है. इसलिए यह आवश्यक हैं कि अत्यधिक ठंड पड़ने पर कतई प्रात: कालीन भ्रमण ना करें और पूरे बदन को गर्म कपड़ा से ढंक कर रखे तथा गर्म खाना लें. रक्तचाप के मरीज को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. क्योंकि ठंड में रक्तचाप बढ़ने से लकवा का खतरा रहता है. हृदयघात का भी खतरा अधिक रहता है, क्योंकि ठंड की वजह से धमनी सिकुड़ जाती है. इसलिए रक्तचाप और हृदय के रोगी नमक व मसाला का इस्तेमाल कम करे तथा नियमित रूप से दवा का इस्तेमाल करें.
नवजात बच्चों व बूढ़ों को ठंड से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत
नवजात बच्चों व बूढ़ों को ठंड से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत फोटो : 8(जानकारी देते डा. अंजनी कुमार सिन्हा)जमुई : लगातार बढ़ते हुए ठंड के प्रकोप से नवजात बच्चों व बूढ़ों को बचाव हेतु विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. क्योंकि ठंड का सर्वाधिक असर बच्चों व बूढ़ों पर ही पड़ता […]
