परिजनों के चीत्कार से माहौल हुआ गमगीन आबे हमरा कै देखते हो बाबू…फोटो- 5(रोते-बिलखते परिजन.प्रतिनिधि, बरहट जमुई रेलवे स्टेशन के समीप देवाचक गांव के पास पोल संख्या 395/18-20 पर गुरुवार को आसनसोल-गोंडा एक्सप्रेस की चपेट में आने से ट्रैक मैन शैलेंद्र पासवान की मौत से परिजनों की चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया. घटना की सूचना मिलते ही नालंदा जिले से उसके परिजन जमुई स्टेशन पहुंचकर और उससे लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगे.मृत शैलेंद्र पासवान के दस वर्षीय पुत्र चंदन कीर्ति और आठ वर्षीय पुत्री राजनंदिनी अपने पापा के शव को देखते ही दहाड़ मार कर रोने लगी. उसकी भाभी और पत्नी का भी रो-रोकर बुरा हाल था. परिवार के सारे लोग एक ही बात कह रहे थे कि अबे हमरा के कै देखतय हो बाबू. परिजनों की चित्कार सुन कर रेल कर्मियों की भी आंखें नम हो गयी थी और वे परिवार के लोगों को ढांढ़स बंधा रहे थे.
परिजनों के चीत्कार से माहौल हुआ गमगीन
परिजनों के चीत्कार से माहौल हुआ गमगीन आबे हमरा कै देखते हो बाबू…फोटो- 5(रोते-बिलखते परिजन.प्रतिनिधि, बरहट जमुई रेलवे स्टेशन के समीप देवाचक गांव के पास पोल संख्या 395/18-20 पर गुरुवार को आसनसोल-गोंडा एक्सप्रेस की चपेट में आने से ट्रैक मैन शैलेंद्र पासवान की मौत से परिजनों की चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया. घटना […]
