पूर्व विधायक ने की समीक्षा बैठक कार्यकर्ताओं के साथ बैठ कर किया हार की समीक्षाआम लोगो के लिए संघर्षरत रहने का दिया भरोसाप्रतिनिधि, सोनोचकाई के पूर्व विधायक सुमित कुमार सिंह ने गुरुवार को सोनो में कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक की. विधानसभा चुनाव में शिकस्त मिलने के कारणों पर कार्यकर्ताओं से उन्होंने बातचीत की. मौके पर अधिकांश कार्यकर्ताओं ने हार की जवाबदेही अपने ऊ पर लेते हुए कहा की वस्तुत: यह पराजय हम कार्यकर्ताओं की है. जिन्होंने सुमित सिंह द्वारा किये विकास कार्यों को जनता के बीच बता नहीं सका. कुछ कार्यकर्ताओं ने इभीएम में चुनाव चिन्ह व नाम जो निचले स्थान पर मिला उसको भी नुकसान का बड़ा कारण बताया. साथ ही कहा कि गलतफहमी के कारण 7379 वोट नोटा में गया है. कार्यकर्ताओं का मानना था कि नोटा का अधिकांश वोट सुमित सिंह का था़ सीटिंग विधायक होते हुए भी एनडीए द्वारा उन्हें टिकट न देकर लोजपा के विजय सिंह को टिकट दिया जाना भी हार का कारण माना गया़ पूर्व विधायक ने कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि पराजय से हताश होने के बजाय हमे पूर्व की भांति जनता की सेवा में लगा रहना है़ उन्होंने कार्यकर्ताओं को एकजुट रहकर किसी भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते रहने को कहा़ उन्होंने कहा कि मैं इस क्षेत्र का बेटा बनकर पहले भी सेवा किया और अब भी करता रहूंगा़ यह क्षेत्र मेरा कर्मभूमि है इसलिए हार या जीत मेरे लिए बहुत मायने नहीं रखता़ विधायक रहे बिना भी मैं यहां के विकास के लिए संघर्ष करता रहूंगा़ हां यह अवश्य है कि इतना विकास कार्य धरातल पर लाने के बावजूद क्या कमी रही उसे ढूंढने के प्रयास के तहत समीक्षा करना जरूरी है़ लोगो को जहां भी मेरी जरूरत होगी वहां मैं अवश्य उपस्थित रहूंगा़ मौके पर पंचानंद सिंह, ललित नारायण सिंह, प्रभु राम, आलमगीर अंसारी, रंजीत विश्वकर्मा, राजेंद्र दास, बबलू सिंह, बबलू साव, बिभूति सिंह, डब्लू सिंह, चंद्रशेखर सिंह, गोलू सिंह, विभास सिंह, संजय सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे़
पूर्व विधायक ने की समीक्षा बैठक
पूर्व विधायक ने की समीक्षा बैठक कार्यकर्ताओं के साथ बैठ कर किया हार की समीक्षाआम लोगो के लिए संघर्षरत रहने का दिया भरोसाप्रतिनिधि, सोनोचकाई के पूर्व विधायक सुमित कुमार सिंह ने गुरुवार को सोनो में कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक की. विधानसभा चुनाव में शिकस्त मिलने के कारणों पर कार्यकर्ताओं से उन्होंने बातचीत की. मौके […]
