खरना को लेकर दूध की बक्रिी बढ़ी

खरना को लेकर दूध की बिक्री बढ़ी प्रतिनिधि, लखीसराय खरना का प्रसाद बनाने में दूध के प्रयोग को लेकर सोमवार को अहले सुबह ही दूध की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखी गयी. शहर के पुरानी बाजार चौक स्थित हरितवाल सुधा केंद्र, प्रभात चौक ,बाजार समिति, कवैया रोड मोड़, जमुई मोड़, विद्यापीठ चौक सहित […]

खरना को लेकर दूध की बिक्री बढ़ी प्रतिनिधि, लखीसराय खरना का प्रसाद बनाने में दूध के प्रयोग को लेकर सोमवार को अहले सुबह ही दूध की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखी गयी. शहर के पुरानी बाजार चौक स्थित हरितवाल सुधा केंद्र, प्रभात चौक ,बाजार समिति, कवैया रोड मोड़, जमुई मोड़, विद्यापीठ चौक सहित अन्य स्थानों पर स्थित सुधा दूध केंद्रों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. इन केंद्रों पर दूध की अनुपलब्धता के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई. पूर्वाह्न ग्यारह बजे के बाद लोगों को दूध मिल पाया. दुकानदारों ने बताया कि खरना को लेकर दूध अधिक मात्रा में उपलब्ध कराया गया. बावजूद इसके दूध की किल्लत बनी रही. बाजारों में दूध 50 से 60 रुपये प्रति लीटर तक बिका. लकड़ी दुकानों में लगी भीड़लखीसराय. चार दिवसीय छठ पूजा के दूसरे दिन सोमवार को खरना प्रसाद बनाने के लिए लकड़ी की खरीदारी के लिये दुकानों पर लोगों की भीड़ लगी रही. जिले के दूर दराज से आये ग्रामीणों ने खरना व अर्घ्य देने के लिए प्रसाद बनाने को लेकर आम की लकड़ी की खरीदारी की. मान्यताओं के अनुसार आम की लकड़ी को शुद्ध मानते हुए इसका प्रयोग चूल्हा में किया जाता है. कवैया निवासी अरविंद कुमार ने बताया कि सूखी आम की लकड़ी के बदले कच्चे आम की लकड़ी दुकानदारों के द्वारा बेचा गया और वह भी ऊंचे दामों पर. वहीं पचना रोड के मुकेश ने बताया कि कि दुकानदारों द्वारा आम की लकड़ी के बदले दूसरी लकड़ी भी मिलावट कर उसी दाम पर बेची जा रही है. लकड़ी दुकानदार मुन्ना ने बताया कि सूखी लकड़ी अब बड़ी कठिनाई से मिलती हैं. और मान्यताओं के अनुसार प्रसाद निर्माण में आम की लकड़ी का प्रयोग किये जाने से सूखी लकड़ी की किल्लत होने के कारण ही कुछ कच्ची लकड़ी का प्रयोग किया जाता है. उन्होंने बताया कि हालांकि बिल्कुल ही कच्ची लकड़ी नहीं बेची जा रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >