नव नालंदा महाविहार के प्रतिनिधि देव ज्योति कुंडू और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी मृणाल रंजन की टीम ने पुस्तकालय में संरक्षित पांडुलिपियों का निरीक्षण कर विवरण संकलित किया.ताजा सर्वे में 39 महत्वपूर्ण पांडुलिपियां मिली हैं. जिले से अब तक करीब 80 पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण हो चुका है.
बड़हिया के प्रतिनिधि के अनुसार
केंद्र सरकार के ज्ञान भारतम् मिशन के तहत रविवार को श्री जगदंबा हिंदी पुस्तकालय में दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपियों का सर्वेक्षण किया गया. नव नालंदा महाविहार के प्रतिनिधि देव ज्योति कुंडू और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी मृणाल रंजन की टीम ने पुस्तकालय में संरक्षित पांडुलिपियों का निरीक्षण कर विवरण संकलित किया. मृणाल रंजन ने बताया कि मिशन का उद्देश्य 75 वर्ष से अधिक पुरानी पांडुलिपियों को डिजिटल कर शोधकर्ताओं और आम लोगों तक पहुंचाना है. बिहार में अब तक साढ़े आठ लाख पांडुलिपियों का विवरण पोर्टल पर दर्ज हो चुका है. पूर्व में इस पुस्तकालय से पांच पांडुलिपियां चिन्हित हुई थीं. ताजा सर्वे में 39 महत्वपूर्ण पांडुलिपियां मिली हैं. जिले से अब तक करीब 80 पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण हो चुका है. देव ज्योति कुंडू ने कहा कि पांडुलिपियों का स्वामित्व संस्था के पास ही रहेगा, सरकार सिर्फ डिजिटलीकरण करेगी. उन्होंने लोगों से प्राचीन दस्तावेजों की जानकारी प्रशासन को देने की अपील की. मौके पर पुस्तकालय सचिव सुरेश प्रसाद माधुर्य, प्रो. श्रीकांत ठाकुर, शिक्षक घनश्याम कुमार समेत अन्य मौजूद थे.
