लखीसराय : शुक्रवार को होने वाली जिला जिला अनुश्रवण समिति की बैठक के पूर्व जिलाधिकारी ने गुरुवार को आपदा डाटा एंट्री सेंटर का निरीक्षण किया. जिलाधिकारी शोभेंद्र कुमार चौधरी, अपर समाहर्ता डॉ इबरार आलम, जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी अजय कुमार एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी ब्रजेश कुमार विकल ने गुरुवार को समाहरणालय अवस्थित डाटा ऑपरेटर सेंटर का विशेष निरीक्षण किया. इस दौरान जिलाधिकारी ने जिले में बाढ़ एवं सुखाड़ से प्रभावित लोगों की सूची को 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन डाटा अपलोड को कहा.
बाढ़ पीड़ितों की सर्वेक्षित सूची करें अपलोड
लखीसराय : शुक्रवार को होने वाली जिला जिला अनुश्रवण समिति की बैठक के पूर्व जिलाधिकारी ने गुरुवार को आपदा डाटा एंट्री सेंटर का निरीक्षण किया. जिलाधिकारी शोभेंद्र कुमार चौधरी, अपर समाहर्ता डॉ इबरार आलम, जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी अजय कुमार एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी ब्रजेश कुमार विकल ने गुरुवार को समाहरणालय अवस्थित डाटा ऑपरेटर सेंटर […]

जिलाधिकारी ने कहा की जिला के पिपरिया प्रखंड अंतर्गत पिपरिया, रामचंद्रपुर, वलीपुर, मोहनपुर एवं सैदपुरा ग्राम पंचायतों के लगभग 49 हजार एक सौ आबादी बाढ़ से घिरी हैं, तो दूसरी ओर बड़हिया प्रखंड के खुटहा पूर्वी एवं पश्चिमी, जैतपुर, बड़हिया नगर पंचायत स्थित वार्ड नंबर 6, 7, 14, 19 के अलावे लक्ष्मीपुर, डुमरी, पाली एवं ऐजनीघाट ग्राम पंचायतों के लगभग 61 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित हैं. इसके तहत पिपरिया प्रखंड के पाथुआ, कनहरपुर, बसौना, रहाटपुर, रामचंद्रपुर, सुमन चौक, बड़हिया के जैतपुर, खुटहा रोड आदि स्थान बाढ़ से घिरे हुए हैं.
इन इलाकों में फिलहाल सरकारी नावों का परिचालन किया जा रहा है, जबकि सामुदायिक राहत केंद्र को विगत बुधवार को ही बंद कर दिया गया है. दूसरी ओर जिले में सुखाड़ से ही लगभग एक लाख आबादी प्रभावित हैं. उन्होंने बाढ़ एवं सुखाड़ से प्रभावित लोगों के पारिवारिक सूची को एनआईसी के माध्यम से तत्काल डाटा एंट्री अपलोड कर आपदा प्रभावित लोगों के बीच सरकार प्रायोजित राहत पहुंचाने की भी बातें कहीं.
इस बीच जिले भर में एक लाख आबादी सुखाड़ के चपेट में शामिल है, जिसमें जिला प्रशासन की ओर से अभी तक 46 हजार 297 लोगों की सर्वेक्षित सूची आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को उपलब्ध करा दिया गया है. इस दौरान कुल 22 हजार 350 लोगों को सुखाड़ मद की राहत राशि भी प्रशासन की ओर से पीड़ितों को उनके खाता में उपलब्ध करायी जा चुकी है. शेष आपदा पीड़ितों को शीघ्र ही सरकारी प्रावधान के अनुसार बाढ़ एवं सुखाड़ दोनों प्रकार के राहत सुविधा उपलब्ध कराये जायेंगे.