लखीसराय : सूखाग्रस्त व बाढ़ग्रस्त एवं बड़हिया टाल को तेलहनी से दलहनी फसल किये जाने को लेकर सोमवार को किसान एकता मंच के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने बड़हिया प्रखंड मुख्यालय के समक्ष सरकार के विरोध में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया. जिसका नेतृत्व अमरेश कुमार अनीष व संयोजक महेश्वरी प्रसाद सिंह ने किया.
मौके पर किसानों ने कहा कि बिहार सरकार ने जिला को सूखाग्रस्त घोषित किया गया, लेकिन बड़हिया व पिपरिया प्रखंड के एक भी पंचायत को सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया गया. जबकि बड़हिया से सटे पटना जिले के जलालपुर व पचमहला पंचायत सूखाग्रस्त घोषित किया गया. इससे साफ पता चलता है कि यहां के किसानों के साथ सौतेले व्यवहार किया गया.
किसानों ने कहा कि अब दोनों प्रखंडों में किसानों ने साहूकारों से कर्ज लेकर पानी पटवन कर फसल को बचाया, वह गंगा नदी के बाढ़ से मक्का, सोयाबीन व परवल सब्जी जलमग्न होकर बर्बाद हो गया. दोनों प्रखंडों के किसान दोहरी मार झेल रहे हैं.
उन्होंने कहा कि जब सूखाड़ पीड़ित व बाढ़ पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता तबतक संगठन द्वारा चरणबद्ध आंदोलन चलाया जायेगा. किसानों ने कहा कि बड़हिया से सटे मोकामा टाल दलहनी फसल के किसान खाद, दवा का सब्सिडी ले रहा, वहीं एक ही नेचर के बड़हिया टाल के किसानों को सब्सिडी से वंचित किया गया है. उन्होंने बड़हिया टाल को तेलहनी से दलहनी फसल किया जाय नहीं तो किसान एकता मंच आंदोलन चलायेगी. उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित परिवारों को राशनकार्ड उपलब्ध कराकर राशन उपलब्ध कराया जाय.
किसानों ने यहां के जनप्रतिनिधि पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह बेगूसराय क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर सरकार से मांग कर रहे हैं जबकि हमारे जनप्रतिनिधि व मंत्री वातानुकूलित में बैठे हुए हैं. जबकि जिला के जनता बाढ़ से बेहाल है.
मौके पर प्रखंड राजद अध्यक्ष संजय कुमार सिंह, नवीन कुमार, नपं उपाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह, श्रीकांत ठाकुर, रामलाल सिंह, चक्रवर्ती सिंह, रामजी यादव, पारसनाथ महतो, संजीव कुमार, शत्रुघ्न सिंह, बालगुदर के इंद्रदेव सिंह, डुमरी के रामसखी देवी, नुनू सिंह, मो अब्बास, रेणु सिंह, अरविंद कुमार सिंह सहित सैकड़ों किसान उपस्थित थे.
