दो प्रखंड को सुखाग्रस्त घोषित नहीं होने आक्रोश

लखीसराय : जिले के बड़हिया जिला परिषद् के निरीक्षण भवन में सोमवार को किसान एकता मंच के तत्वावधान में किसानों ने बड़हिया पिपरिया प्रखंड सुखाग्रस्त घोषित नहीं किये जाने के विरोध में बैठक की. जिसकी अध्यक्षता किसान अनिल कुमार सिंह ने किया संचालन कांग्रेस नेता अमरेश कुमार अनीष ने किया. बैठक में सभी ने एक […]

लखीसराय : जिले के बड़हिया जिला परिषद् के निरीक्षण भवन में सोमवार को किसान एकता मंच के तत्वावधान में किसानों ने बड़हिया पिपरिया प्रखंड सुखाग्रस्त घोषित नहीं किये जाने के विरोध में बैठक की. जिसकी अध्यक्षता किसान अनिल कुमार सिंह ने किया संचालन कांग्रेस नेता अमरेश कुमार अनीष ने किया. बैठक में सभी ने एक मत से किसान एकता मंच के संयोजक पद पर भाकापा नेता महेश्वरी प्रसाद सिंह को मनोनीत किया.

बैठक में किसानों ने जमकर एनडीए सरकार को निशाना बनाया और कहा कि यह सरकार किसान विरोधी है और जाति आधारित सुखाग्रस्त घोषित करता है. जबकि सबसे कम वर्षा पड़ने के बावजूद भी बड़हिया व पिपरिया प्रखंड को जानबूझकर सुखाग्रस्त घोषित नहीं किया गया.
उन्होंने कहा कि बड़हिया टाल दलहन फसल उत्पादन का केंद्र आज से नहीं वर्षों से रहा है, लेकिन सरकार तेलहनी फसल घोषित किये हुए है. जिसके परिणामस्वरूप एक ही नेचर के मोकामा टाल के किसानों को सब्सिडी मिलती है लेकिन बड़हिया टाल के किसानों सब्सिडी से वंचित होना पड़ रहा है.
हमारे जनप्रतिनिधि इसके खिलाफ सरकार में रहकर आवाज नहीं उठा रहे हैं. बैठक में लोगों ने कहा कि सरकार इस क्षेत्र से सौतेला व्यवहार कर रही है. अब इसके खिलाफ चरणवार आंदोलन किया करने का समय आ गया है. जिस पर किसानों ने चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया.
सोमवार 23 सितंबर प्रखंड कार्यालय में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करने का लिया. जिसको लेकर मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रधानमंत्री, कृषि मंत्री बिहार एवं केंद्र सरकार को लिखा जाये. मौके पर राजद अध्यक्ष संजय कुमार, नवीन कुमार सिंह, शंभु, पिपरिया के सुरेश महतो, मणिकांत पासवान, अशोक कुमार, बुन्नी कुमार सहित अन्य उपस्थित थे.

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