अंग एक्सप्रेस के ब्रेक में लगी आग, हादसा टला

लखीसराय : किऊल-झाझा रेलमार्ग के बंशीपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन के खुलने के बाद असामाजिक तत्वों के द्वारा लगातार वैक्यूम काटे जाने की वजह से 1223 अप यशवंतपुर-भागलपुर अंग एक्सप्रेस के गार्ड बोगी से सटे अनारक्षित बोगी के ब्रेक से धुआं निकलने लगा था. जिसकी वजह से बंशीपुर-किऊल स्टेशन के बीच धुआं आग में तब्दील […]

लखीसराय : किऊल-झाझा रेलमार्ग के बंशीपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन के खुलने के बाद असामाजिक तत्वों के द्वारा लगातार वैक्यूम काटे जाने की वजह से 1223 अप यशवंतपुर-भागलपुर अंग एक्सप्रेस के गार्ड बोगी से सटे अनारक्षित बोगी के ब्रेक से धुआं निकलने लगा था. जिसकी वजह से बंशीपुर-किऊल स्टेशन के बीच धुआं आग में तब्दील हो गया. जिससे उक्त बोगी में बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया.

इस संबंध में गार्ड के द्वारा किऊल स्टेशन प्रबंधक एवं कंट्रोल को सूचना दिये जाने के बाद ट्रेन के किऊल स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या में एक पर लगने के बाद स्टेशन में मौजूद अग्निशमन सामग्रियों से आग पर काबू पाया गया. हालांकि जल्द ही आग पर काबू पाये जाने की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया.
रेल सूत्रों से मिली जानकरी के अनुसार ट्रेन में सुरक्षा गार्ड के नहीं रहने की वजह से जमुई स्टेशन से ही बार-बार लोग वैक्यूम काट कर ट्रेन को रोक रहे थे. वहीं बंशीपुर से ट्रेन के खुलने के बाद वैक्यूम काटे जाने के बाद उसे जोड़ा नहीं गया, जिस वजह से ब्रेक के पहिये में सटने व उससे रगड़ खाने की वजह से आग लगी.
ट्रेन अपने निर्धारित समय सुबह 5:40 बजे की जगह सुबह 7:38 बजे किऊल पहुंची तथा किऊल में अपने 25 मिनट के ठहराव की जगह लगभग सवा घंटे तक खड़ी रही.
इस संबंध में किऊल स्टेशन प्रबंधक सुशील कुमार चौधरी ने बताया कि आग लगने की सूचना पाकर किऊल में अग्निशामक सिलिंडर को तैयार रखा गया था, ट्रेन के किऊल पहुंचते ही जल्द ही आग को बूझा दिया गया.
शराब तस्करों के द्वारा बंशीपुर स्टेशन के समीप रोकी जाती है ट्रेन : सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार झारखंड की ओर से आने वाली प्राय: वैसी सभी ट्रेनों जिसमें सुरक्षा बल नहीं रहते हैं उनसे शराब माफिया शराब मंगाने का कार्य करते हैं तथा उसे बंशीपुर के पास वैक्यूम कर शराब उतारते हैं.
सूत्रों का कहना है कि ऐसा प्राय: साप्ताहिक ट्रेनों में ज्यादा होता है. सोमवार को अंग एक्सप्रेस से भी शराब उतारने को लेकर ही ट्रेन को वैक्यूम कर रोका होगा, जिस वजह से इस तरह की घटना हुई.
सूत्रों के अनुसार किऊल आऊ‍टर के बाद से जमुई जीआरपी व आरपीएफ का क्षेत्र होने की वजह से किऊल पुलिस इस संबंध में अपना पल्ला झाड़ती है, जबकि अंतिम स्टेशन होने की वजह से जमुई जीआरपी व आरपीएफ भी इस दिशा में विशेष ध्यान नहीं देते हैं.

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