कजरा : जहां एक ओर रेलवे आमजनों की सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे पटरी के किनारे यानी कजरा रेलवे स्टेशन से लेकर कजरा रेलवे समपार फाटक तक घेरा बंदी का कार्य कर रहा है. जमालपुर किऊल रेलखंड का अब विद्युतीकरण हो चुका है. उम्मदी है अंतिम मार्च तक विद्युत से ट्रेन का परिचालन प्रारंभ हो जायेगा.
इससे जान माल को नुकसान होने का खतरा ज्यादा है क्योंकि विद्युत वाला इंजन में हॉर्न के आलावा कोई और आवाज नहीं आता, जिसके कारण ट्रेन के पास पहुंचने तक आवाज का पता नहीं चलेगा जिससे आमजनों की जान का नुकसान है. इसी सुरक्षा को मद्देनजर देखते हुए रेलवे ने यह ठोस कदम उठाया.
वहीं दूसरी ओर कजरा रेलवे स्टेशन से समपार फाटक तक एक ही सब्जी का बाजार लगता था जो पटरी के पास था. अब बिजली खंभा से लगभग दो से तीन फिट तक की दूरी पर रेलवे द्वारा पुराने पटरी को खड़ा कर उसमें जाल लगाया जा रहा है, जिससे कजरा का सब्जी मार्केट पूर्णतः खत्म के कगार पर है. यहां कोई ऐसी जगह भी नहीं है जिसमें यह लोग जाकर अपनी सब्जी का दुकान चला सकें.
मुर्गा दुकान विक्रेता बच्चू चौधरी ने बताया कि मेरे छह लोगों के परिवार का भरण पोषण इसी दुकान से होता है, जिसे आरपीएफ ने हटा दिया. साहब हम सब गरीब लोग हैं दो पैसा यहां से कमाते हैं और अपने घर का गुजारा करते हैं पर यह साहब लोग इस बात को कहां समझते हैं.
फल विक्रेता शंभु कुमार ने बताया कि पहले वे सब पटरी के किनारे दुकान लगाते थे पर घेराबंदी के कारण उनलोगों को स्टेशन के पास खाली जगह पर जाने को सोचा लेकिन आरपीएफ के रवैये को देखकर यह समझ ही नहीं आता कि कहां जायें. फल विक्रेता ऐतवारी चैधरी ने बताया कि पटरी के किनारे का ठेला लगाते थे घेराबंदी हो जाने के कारण ठेला लगाना मुश्किल हो गया है परिवार का भरण-पोषण कैसे करें समझ नहीं आ रहा.
इस घेराबंदी के चक्कर में रेलवे कर रहा बड़ा लापरवाही कभी भी हो सकता है रेल हादसा-जहां रेलवे सुरक्षा के मद्देनजर पटरी खड़ा कर जाल लगा कर घेराबंदी का कार्य कर रहा है वहीं दूसरी ओर रेलवे पटरी पर आसानी से नही पहुंचने के लिए रेलवे ने एक घेरा लगा रखा था जिसे बीते 25 दिन पूर्व हटा दिया गया और उस जगह को खुला छोड़ा दिया गया जहां बड़े ही आसानी से कोई भी बड़ा, बच्चे के साथ साथ जानवर भी पहुंच सकता है.
