विनोद सिंह की हत्या के मामले में पूछताछ के बाद हुआ खुलासा

खिजरसराय : प्रखंड के सारसू गांव निवासी भाजपा कार्यकर्ता विनोद सिंह की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. भाजपा कार्यकर्ता विनोद सिंह की हत्या प्रेम प्रसंग के कारण ही हुई थी. मालूम हो कि मोहड़ा प्रखंड के सारसू गांव में बुधवार की शाम बधार से 50 वर्षीय विनोद सिंह का शव ग्रामीणों […]

खिजरसराय : प्रखंड के सारसू गांव निवासी भाजपा कार्यकर्ता विनोद सिंह की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. भाजपा कार्यकर्ता विनोद सिंह की हत्या प्रेम प्रसंग के कारण ही हुई थी. मालूम हो कि मोहड़ा प्रखंड के सारसू गांव में बुधवार की शाम बधार से 50 वर्षीय विनोद सिंह का शव ग्रामीणों ने बरामद किया था. घटना के बाद दूसरे दिन शाम पांच बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था.
एसएसपी गरिमा मलिक ने नीमचक बथानी एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर जांच की जिम्मेदारी दी गयी. पुलिस ने सबसे पहले सारसू टोला पांचु बिगहा की रहनेवाली संजू देवी को गिरफ्तार कर पूछताछ की. संजू देवी ने पुलिस को पूरी कहनी बताते हुए कहा कि उसका पूर्व से अवैध संबंध लोसिंघानी के संजय राजवंशी के साथ था. घटना की शाम मृतक विनोद सिंह भी उसके घर पर आये हुए थे,जिसकी सूचना सारसू गांव के ही एक व्यक्ति ने संजय राजवंशी को फोन पर दे दी.
इस बात की सूचना मिलते ही संजय राजवंशी ने अपने साथी अरई निवासी शंकर राजवंशी को बुलाया और हमारे घर पर आ धमका,वहां संजू देवी व विनोद सिंह दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में उसने देख लिया. इस पर विनोद सिंह ने उससे माफी भी मांगी. घर जाने की बात कही,पर संजय राजवंशी और शंकर राजवंशी ने घर के एक कमरे में बंद कर विनोद सिंह को पीट-पीट कर मार डाला. हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए बांस से बांध कर रेलवे लाइन के किनारे ले जाकर फेंक दिया.
अब इस मामले में पांच प्राथमिकी अभियुक्त और तीन अज्ञात अभियुक्त बनाये गये हैं, जिसमें से तीन आरोपितों को जेल भेज दिया गया है. अतरी थानाध्यक्ष नवीन कुमार ने बताया कि पूछताछ के दौरान संजू देवी ने पूरे मामले को साफ कर दिया है, पर प्राथमिकी में दर्ज अन्य नामजद अभियुक्तों की इस मामले में संलिप्तता की जांच की जा रही है.
अब भी उठ रहे सारसु गांव के गलियों में सवाल
सारसु निवासी विनोद सिंह की हत्या में दर्ज प्राथमिकी में अंकित है कि शाम में खोजबीन के दौरान जब परिजन बधार में पहुंचे तो पांच लोग शव को फेंक कर भागे, लेकिन संजू के कबूलनामे में मात्र दाे लोगों के द्वारा ही शव को ठिकाने लगाने की बात आ रही है. विनोद सिंह शरीर से मजबूत व्यक्ति थे, फिर मात्र दो लोगों द्वारा उनकी हत्या किया जाना आश्चर्यजनक है.
गिरफ्तार की गयी महिला संजू देवी का पति विनोद रविदास मुंबई में प्राइवेट नौकरी करता है. अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अब तक क्यों नहीं छापेमारी की. शंकर राजवंशी व संजय राजवंशी पर अरई में सड़क लूट मामले में भी नामजद अभियुक्त है और वो कई महीनों से फरार भी चल रहा है. इस मामले में रामचंद्र महतो, विजय महतो व संजू को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है.

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