लखीसराय : जिला में लगता है अधिकारियों के द्वारा दिया जाने वाला आदेश सिर्फ उनके कार्यालयों तक ही सीमित होकर रह जाता है़ या फिर उनके आदेश जारी होने के बाद दवाब की राजनीति चल उठती है़ कुछ ऐसा ही नजारा नवंबर महीने के प्रथम सप्ताह में एसडीओ मुरली प्रसाद सिंह के द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ जारी आदेश का भी देखने को मिल रहा है़
नवंबर महीने के शुरूआत में एसडीओ श्री सिंह ने नगर परिषद कार्य पालक पदाधिकारी, सदर बीडीओ, अंचलाधिकारी, टाउन थाना व कवैया थानाध्यक्षों सहित ऑटो चालक संघ के सदस्यों तथा व्यवसायिक संगठन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर शहर में अतिक्रमित भूमि को चिह्नित कर सभी अतिक्रमणकारियों को नोटिस देने के साथ ही 15 नवंबर से चिह्नित अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराने की बात कही गयी थी, लेकिन नवंबर महीना बीत जाने के बावजूद इस दिशा में कार्रवाई शून्य ही दिखाई पड़ रही है. बैठक में अतिक्रमणकारियों के अलावा शहर के मुख्य मार्ग पर चलने वाले ऑटो पर सिकंजा कसने की बात कही गयी थी़ जिसमें स्टेशन से विद्यापीठ एवं नया बाजार पंजाबी मुहल्ला मोड़ से समाहरणालय तक चलने वाले ऑटो के लिए भाड़ा वसूलने की प्रक्रिया का जिक्र किया गया था़ बैठक में ऑटो चालक संघ के पदाधिकारियों से एसडीओ ने सर्वप्रथम शहर में चलने वाले सभी ऑटो चालकों की सूची उनके कार्यालय को उपलब्ध कराने तथा जहां से ऑटो खुलता है
वहां पर ही यात्री को बैठाते समय ही भाड़ा वसूलने की प्रक्रिया चालू करने की बात कही थी़ जिससे मुख्य सड़क पर बीच में यात्री के उतरने पर भाड़ा लेने के लिए ऑटो को नहीं रोका जा सके. बीच मार्ग पर भाड़ा वसूलने के चक्कर में ऑटो के सड़क पर खड़ा होने से मुख्य सड़क पर जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है, लेकिन एसडीओ के उक्त दोनों निर्देशों का अभी तक पालन नहीं हो पाया है़ आज भी शहर में अतिक्रमकारियों का मनोबल बढ़ा हुआ है तथा ऑटो को मुख्य सड़क पर जहां-तहां खड़ा देखा जा सकता है.
