लखीसराय : सीएम के लाली पहाड़ी पर दौरे से शहरवासी खुश हैं. शहरवािसयों को यह आस है कि लखीसराय पर्यटन स्थल के रूप में राज्य के मानचित्र पर आयेगा. इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. रोजगार के साथ ही विकास के द्वार भी खुल जायेंगे. पालवंश एवं बौद्धधर्म के अलावे राजा इंद्रदमनेश्वर की निशानियों से लखीसराय को एक पर्यटक स्थल के रूप में जाना जायेगा. प्रभात खबर से बातचीत में शहरवासियों ने अपने विचार व्यक्त किये.
पर्यटन स्थल बनेगा लखीसराय, तो खुलेंगे विकास के द्वार, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
लखीसराय : सीएम के लाली पहाड़ी पर दौरे से शहरवासी खुश हैं. शहरवािसयों को यह आस है कि लखीसराय पर्यटन स्थल के रूप में राज्य के मानचित्र पर आयेगा. इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. रोजगार के साथ ही विकास के द्वार भी खुल जायेंगे. पालवंश एवं बौद्धधर्म के अलावे राजा इंद्रदमनेश्वर की निशानियों से लखीसराय […]

जदयू के प्रखंड अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि लाली पहाड़ी की खुदाई के बाद लखीसराय पर्यटक स्थल के रूप में चर्चित होगा. इससे लखीसराय का विकास होगा. अधिवक्ता घनश्याम प्रसाद यादव ने कहा कि लाली पहाड़ी की खुदाई से लखीसराय का पुरातत्व उजागर होगा. लाली पहाड़ी पर राजा इंद्रदमनेश्वर का इतिहास रहा है. पालवंश के पुराने राजभवन के अवशेष मिलने से लखीसराय का इतिहास उजागर होगा. राजकुमार महतो ने कहा कि पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होने से रोजी रोजगार में वृद्धि होगी. रामगोपाल ड्रोलिया ने कहा कि यह लखीसराय के लिये सुनहरा दिन है. लाली पहाड़ी पर पुरानी मर्तियां मिल रही हैं,
लेकिन अब तक एक भी मूर्ति लोगों की नजर में नहीं है. मूर्तियां निकलने के बाद उसकी सुरक्षा भी होनी चाहिये. फल व्यवसायी गोविंद कुमार ने कहा कि व्यवसायियों के रोजगार और भी बढ़ेंगे. पर्यटक स्थल बन जाने से यहां रोजी रोजगार फूलेंगे. जदयू महासचिव मंटुन सिंह ने कहा कि बिहार के पहले सीएम हैं नीतीश कुमार, जो लखीसराय लाली पहाड़ी को पर्यटक विकसित करने के लिये यहां पहुचे. वार्ड नं 33 निवासी बृजनंदन प्रसाद ने कहा कि लाली पहाड़ी की खुदाई से वार्ड का विकास होगा. इस वार्ड में बाहरी लोग अधिक बसे हैं, जो कि गरीब परिवार से हैं. उनकी उन्नति होगी. पिपरिया के उमेश सिंह ने कहा कि लाली पहाड़ी अब विश्व के मानचित्र पर आयेंगे. इसकी अब महत्व बढ़ जायेगी. गंगासराय के मुखिया मेघू कुमार ने कहा कि यह लखीसराय के गौरव की बात है. उन्होंने कहा कि इसके पूर्व मां बाला त्रिपुर सुंदरी एवं अशोक धाम, श्रृंगिऋषि धाम को लेकर गौरवशाली रहा है.