लखीसराय : समाहरणालय स्थित एसपी कार्यालय में गुरुवार को डीआइजी विकास वैभव ने पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक कर अवैध बालू उत्खनन व बाहर भेजने के मामलों पर पूरी तरह अंकुश लगाये जाने का निर्देश दिया है. डीआइजी ने अवैध बालू उत्खनन पर पूरी तरह ब्रेक लगाये जाने को लेकर 18 नवंबर से विशेष छापेमारी अभियान चलाये जाने की बात कही है. जिसमें लखीसराय पुलिस को सहयोग करने के लिये अन्य जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल मुहैया कराया जायेगा.
जिसमें सैप के जवान भी शामिल हैं. सैप जवान लखीसराय के एसडीपीओ पंकज कुमार के नेतृत्व में विशेष छापेमारी अभियान में शामिल रहेंगे. इसके लिये सभी थानाध्यक्षों,पुलिस बलों यहां तक कि चौकीदारों को भी निर्देशित किया गया है. पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक के उपरांत प्रेस वार्ता में डीआईजी ने कहा कि अवैध बालू व्यवसाय पुलिस प्रशासन के लिये गंभीर मामला बन गया है. उग्रवादी इलाका हो या गैर उग्रवादी सभी जगह पुलिस के लिये कलंक बन चुका है. जिसे हर हाल में मिटाना है. अगर किऊल नदी से बालू खनन किसी तरह होता भी है तो इसका निकासी न होने पाये इसके लिये विशेष व्यवस्था की जा रही है.
लखीसराय जिला में पांच पोस्ट निर्धारित किये गये हैं. जहां 24 घंटे पुलिस की तैनाती किया जा रहा है. जिसमें गढ़ी विशनपुर मोड़, मानो रामपुर, चंदनपुरार दैताबांध, एनएच 80 टॉल गेट के साथ लखीसराय-जमुई राजकीय पथ पर तेतरहट पुल को शामिल किया गया है. इन जगहों पर परमानेंट चेक पोस्ट बना कर सीसीटीवी से लैस करने की योजना है. हाल में हुई एलआईसी एजेंट के कीडनैपिंग मामले की चर्चा करते हुए डीआईजी ने कहा कि लखीसराय और जमुई एसपी इस मामले में शामिल अजय गिरोह के पर्दे के पीछे रहे अपराधी को भी गिरफ्तार करने का दायित्व सौंपा गया है. योजना बना कर कार्रवाई किया जा रहा है. कीडनैपिंग के विरुद्ध कारगर कार्रवाई को लेकर सभी थाना को सजग कर दिया गया है. इस दौरान एसपी अरविंद ठाकुर, एसडीपीओ पंकज कुमार सहित जिले भर के थानाध्यक्ष उपस्थित थे
