उत्तराखंड के उत्तरकाशी सुरंग हादसे में फंसे सभी श्रमिकों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है. इन मजदूरों में 5 बिहार के भी रहने वाले थे. अलग-अलग जिलों के इन श्रमिकों को जब बाहर निकाला गया तो परिजनों ने राहत की सांस ली. वहीं शुक्रवार को बिहार के पांचो श्रमिकों को पटना पहुंचाया गया. विमान के जरिए इन्हें पटना भेजा गया. पटना एयरपोर्ट पर बिहार के श्रम मंत्री सुरेंद्र राम ने उनका स्वागत किया. वहीं बिहार से मजदूरों के बाहर पलायन करने के मुद्दे को छूते हुए मंत्री ने विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग काे भी बुलंद किया.
उत्तरकाशी सुरंग हादसे में फंसे 41 मजदूरों में बिहार के भी 5 श्रमिक थे. बांका, रोहतास, मुजफ्फरपुर, भोजपुर और सारण के रहने वाले इन पांचों श्रमिकों के परिजनों ने तब राहत की सांस ली जब उन्हें ये राहत भरा समाचार मिला कि ये सभी सुरक्षित बाहर आ गए. ये सभी 17 दिनों से अंदर फंसे थे और करीब 400 घंटे से अधिक देर तक चले अभियान के बाद से सकुशल बाहर आ सके.
उत्तरकाशी के टनल हादसे से सुरक्षित बाहर निकले सहार, भोजपुर के सबाह अहमद, एकमा सारण के सोनू साह, कटोरिया बांका के वीरेंद्र किस्कू, तिलौथू रोहतास के सुशील कुमार व सरैया मुजफ्फरपुर के दीपक कुमार शुक्रवार की सुबह पटना एयरपोर्ट पहुंचें. श्रम संसाधन विभाग के मुताबिक इन सभी श्रमिकों को ऋषिकेश से सड़क मार्ग से दिल्ली तक लाया गया. उसके बाद सभी श्रमिकों को फ्लाइट नंबर 6E -2103 से सुबह आठ बजे तक पटना लाया गया. एक श्रम अधिकारी श्रमिकों के साथ पटना तक आयें. एयरपोर्ट से श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी पटना डीएम को सौंपी गयी थी. साथ ही, श्रम अधीक्षक और श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी भी एयरपोर्ट पर रहे. इनमें से एक-एक एलइओ सभी श्रमिकों के साथ उनके घर तक भेजने का निर्देश दिया गया था. साथ ही सुबह जब ये श्रमिक पहुंचे तो विभाग के मंत्री और अधिकारियों ने श्रमिकों को एयरपोर्ट पर ही सम्मानित किया.
बता दें कि श्रम मंत्री ने पलायन का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि राज्य में सीएम और डिप्टी सीएम रोजगार व नौकरी दे रहे हैं. अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दे दिया जाए तो यहां उद्योग और लगेंगे. युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा.
