केके पाठक ने शिक्षकों को दी राहत...बिहार के सभी सरकारी स्कूलों का रूटीन सेट, जानिए अब किस घंटी में क्या होगा?

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने राज्य के प्राइमरी से उच्च माध्यमिक सरकारी स्कूलों के लिए संशोधित एकेडमिक कैलेंडर जारी किया है. जिसके तहत राज्य के सभी स्कूलों में एक ही समय-सारिणी से पढ़ाई होगी.

बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आए दिन अपने फैसलों और फरमानों को लेकर चर्चा में बने रहते हैं. बीते दिनों केके पाठक ने प्रशिक्षण ले रहे नवनियुक्त शिक्षकों से कहा था कि उन्हें हर हाल में छह कक्षाएं लेनी होंगी. इसमें किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके बाद राज्य के सभी स्कूलों के लिए एक एकेडमिक कैलेंडर जारी किया गया था. हालांकि इसमें विषयवार घंटियां निर्धारित नहीं थीं. वहीं, अब बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने राज्य के प्राइमरी से उच्च माध्यमिक सरकारी स्कूलों के लिए संशोधित एकेडमिक कैलेंडर जारी किया है. जिसके तहत राज्य के सभी स्कूलों में एक ही समय-सारिणी से पढ़ाई होगी. शिक्षकों के लिए यह राहत की बात बतायी जा रही है.

स्कूलों में लगेंगी आठ घंटियां

संशोधित एकेडमिक कैलेंडर के तहत शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए स्कूलों में आठ घंटियां सुबह साढ़े नौ बजे से शुरू होकर साढ़े तीन बजे तक लगेंगी. जारी किया गया शैक्षणिक टाइम टेबल विषयवार है. विषयवार तालिका में कक्षा 11वीं एवं 12वीं के प्रायोगिक विषयों का प्रायोगिक अध्ययन भी कराया जायेगा. इसके अलावा, कक्षा 10 से 12 के लिए पुस्तकालय सत्र भी निर्धारित किए गए हैं.

लंच ब्रेक से पहले होगी मुख्य विषयों की पढ़ाई

एकेडमिक कैलेंडर जारी करते हुए राज्य कार्यक्रम अधिकारी सुगंधा ने प्राथमिक, माध्यमिक और एससीईआरटी के निदेशकों को पत्र लिखकर इस संशोधित समय सारणी पर उनकी राय मांगी है साथ ही इस पर उनकी सहमति मांगी है. ताकि इस टाइम टेबल को स्कूलों में लागू किया जा सके. गुरुवार को स्कूलों के लिए तय की गई संशोधित समय सारिणी के अनुसार, कक्षा 11वीं और 12वीं के मुख्य विषयों को लंच ब्रेक से पहले चार घंटियों में पढ़ाया जाएगा.

आठवीं घंटी में खेल और बागवानी

वहीं, कक्षा 11वीं और 12वीं के मुख्य व्यावहारिक विषयों और वैकल्पिक विषयों को भोजनावकाश के बाद निर्धारित तीन घंटियों में पढ़ाया जाएगा. आठवीं घंटी खेल और बागवानी गतिविधियों के लिए रखी गई है. इसमें स्कूल के पुस्तकालयों में पढ़ाई भी शामिल है. केवल शनिवार को भोजनावकाश के बाद का समय बाल संसद, अभिभावक शिक्षक संगोष्ठी, प्रोजेक्ट कार्य आदि के लिए निर्धारित किया गया है.

आईसीटी कक्षाएं भी होगी आयोजित

कक्षा 11वीं एवं 12वीं के बच्चों को निर्धारित पुस्तकालय घंटी के दौरान पुस्तकालय में अध्ययन करना होगा. जिन स्कूलों में लाइब्रेरी नहीं है, वहां शिक्षक किताबें लेकर कक्षा में पढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे. स्कूलों को आईसीटी कक्षाएं भी आयोजित करने के लिए कहा गया है.

स्कूल के समय में कोई परिवर्तन नहीं

इसके अलावा कक्षा 9वीं और 10वीं में विषयवार घंटी के लिए भी इसी तरह की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. इसी प्रकार कक्षा छह व आठ तथा कक्षा एक से पांच तक के लिए विषयवार घंटी निर्धारित की गयी है. खास बात यह होगी कि प्राथमिक कक्षाओं की आठवीं घंटी खेल से संबंधित होगी. स्कूल खुलने के समय और आखिरी घंटी के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

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3.30 बजे से शाम 4.15 बजे तक मिशन दक्ष

सोमवार से शनिवार तक दोपहर 3.30 बजे से शाम 4.15 बजे तक मिशन दक्ष, शाम 4.15 बजे से शाम 5.15 बजे तक गृह कार्य सत्यापन आदि किया जाएगा. वहीं, चुनाव या अन्य आवंटित कार्य शाम 5:00 बजे के बाद या स्कूल प्रारंभ होने के समय सुबह 9:00 बजे से पहले ही शिक्षक पूरा करेंगे. शाम 5:00 बजे से पहले विद्यालय से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी.

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28 नवंबर को भी जारी किया गया था एकेडमिक कैलेंडर

वहीं, पहले जारी एकेडमिक कैलेंडर में विषयवार घंटियां निर्धारित नहीं की गई थीं. अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा, पुस्तकालय, प्रयोगशाला और व्यावहारिक कक्षाओं के लिए कोई निश्चित समय सारणी नहीं थी. इससे पहले एकेडमिक कैलेंडर 28 नवंबर को जारी किया गया था. हालांकि, यह व्यापक नहीं था.

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लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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