राष्ट्रीय राजमार्ग NH-327E पर ठाकुरगंज स्थित रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) की दीवारों पर उग आई झाड़ियां, घास और छोटे-छोटे पौधे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) व संबंधित निर्माण एजेंसी की देखरेख और रखरखाव व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं. पुल की कंक्रीट दीवारों के जोड़ वाले हिस्सों (Joints) से कई स्थानों पर वनस्पति निकल आई है, जो लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण तेजी से फैल रही है.
कंक्रीट संरचना के कमजोर होने का बढ़ा खतरा
ठाकुरगंज क्षेत्र के इस अति-महत्वपूर्ण ओवर ब्रिज से प्रतिदिन हजारों मालवाहक ट्रक, बसें, एंबुलेंस और निजी वाहन गुजरते हैं. करोड़ों रुपये की लागत से जनता की सुविधा के लिए निर्मित इस ओवर ब्रिज की नियमित सफाई न होने से इसकी कंक्रीट जॉइंट्स में मिट्टी और नमी जमा हो गई है.
- जड़ों से दरार का डर: विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इन झाड़ियों को समय रहते नहीं हटाया गया, तो पौधों की गहरी जड़ें कंक्रीट के जोड़ों में धंसकर उनमें दरारें पैदा कर सकती हैं.
- भविष्य में बड़ी क्षति: कंक्रीट के भीतर पानी और नमी पहुंचने से ओवर ब्रिज की संरचनात्मक मजबूती (Structural Integrity) प्रभावित हो सकती है, जिससे आगे चलकर बड़े हादसे या भारी मरम्मत खर्च का सामना करना पड़ सकता है.
नियमित मेंटेनेंस और इंस्पेक्शन की मांग
स्थानीय नागरिकों और राहगीरों का कहना है कि बरसात के मौसम में पुलों और फ्लाईओवर की विशेष निगरानी व सफाई आवश्यक होती है. दीवारों पर उगी अनचाही वनस्पति न केवल पुल की सुंदरता को बिगाड़ रही है, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति की घोर अनदेखी को भी दर्शाती है.
NHAI और एजेंसी से स्थानीय लोगों की अपील
क्षेत्रीय नागरिकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित रखरखाव एजेंसी से मांग की है कि:
- आरओबी की कंक्रीट दीवारों और जोड़ों की तत्काल सफाई कराकर झाड़ियों को हटाया जाए.
- ओवर ब्रिज का विस्तृत तकनीकी निरीक्षण (Technical Inspection) कराया जाए.
- भविष्य के लिए नियमित मेंटेनेंस और सफाई का शेड्यूल तय किया जाए.
लोगों का कहना है कि जनहित में बनी करोड़ों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति की समय पर सुरक्षा और संरक्षण उतना ही जरूरी है, जितना उसका निर्माण.
