Water Supply Project: किशनगंज.केंद्र प्रायोजित अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) के तहत किशनगंज जलापूर्ति परियोजना को बिहार कैबिनेट से प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है. इस परियोजना पर कुल 53,71,47,500 (53 करोड़ 71 लाख 47 हजार 500 रुपये) खर्च किए जाएंगे.इसकी जानकारी देते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि इस योजना के पूरा होने से शहरवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी.
जल संरक्षण और हरित विकास पर रहेगा विशेष जोर
अमृत 2.0 योजना के तहत नगर निकायों में जल संरक्षण, जल स्रोतों का पुनरुद्धार, वर्षा जल संचयन, उपयोग किए गए पानी का उपचार कर पुनः उपयोग तथा पार्कों के विकास जैसे कार्य किए जाएंगे. पुराने 27 अमृत शहरों में सीवरेज और सेप्टेज कनेक्शन की सुविधा भी विकसित की जायेगी.
केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करेंगी खर्च
मंत्री ने बताया कि भारत सरकार ने अमृत 2.0 योजना के लिए कुल 2620 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. योजना के क्रियान्वयन में केंद्रांश के साथ राज्यांश की राशि भी राज्य सरकार वहन करेगी, जिससे शहरी आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिलेगी.
बुडको करेगी परियोजना का क्रियान्वयन
जलापूर्ति परियोजना के भौतिक कार्यान्वयन की जिम्मेदारी बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (बुडको) को सौंपी गई है. 30 जून को आयोजित तकनीकी समिति की बैठक में इस परियोजना को अनुमोदन मिल चुका था, जिसके बाद कैबिनेट ने इसे प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की.
2026-27 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य
Water Supply Project: सरकार ने इस परियोजना को वर्ष 2026-27 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. परियोजना पूरी होने के बाद किशनगंज शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी. साथ ही शहर की आधारभूत सुविधाओं और सौंदर्यीकरण में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा.
