किशनगंज : टेढ़ागाछ प्रखंड की चिल्हनियां पंचायत में लोहिया स्वच्छता अभियान के तहत निर्मित अपशिष्ट प्रसंस्करण भवन का शेड करीब एक माह से क्षतिग्रस्त पड़ा है. तेज आंधी में शेड को नुकसान पहुंचने के बाद अब तक संबंधित विभाग की ओर से इसकी मरम्मत या पुनर्निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. इससे पंचायत में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था प्रभावित होने की बात सामने आ रही है.
आंधी में क्षतिग्रस्त हुआ शेड, अब तक नहीं हुई मरम्मत
करीब एक महीने पहले आयी तेज आंधी में अपशिष्ट प्रसंस्करण भवन का शेड क्षतिग्रस्त हो गया था. ग्रामीणों का कहना है कि इतने लंबे समय बाद भी भवन की मरम्मत नहीं होने से स्वच्छता अभियान के तहत संचालित व्यवस्था पर असर पड़ रहा है.
लोगों का आरोप है कि सरकार की ओर से स्वच्छता को लेकर कई योजनाएं चलायी जा रही हैं, लेकिन उनके क्रियान्वयन और निगरानी में लापरवाही के कारण जमीनी स्तर पर अपेक्षित परिणाम नहीं दिख रहे हैं.
‘स्वच्छता व्यवस्था कागजों तक सीमित न रहे’
ग्रामीणों ने कहा कि ‘स्वच्छ बिहार अभियान’ का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन और नियमित निगरानी हो. चिल्हनियां पंचायत में एक महीने से क्षतिग्रस्त भवन की मरम्मत नहीं होना संबंधित विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वच्छता व्यवस्था सिर्फ कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर भी प्रभावी नजर आनी चाहिए.
डीएम से जांच और जल्द कार्रवाई की मांग
स्थानीय निवासी रूपलाल बोसाक, नारायण यादव, अरविंद गिरी, महेंद्र प्रसाद सिंह और कृष्ण प्रसाद सिंह ने जिला पदाधिकारी से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है. ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त भवन की जल्द मरम्मत कराने के साथ लंबे समय से लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों और कर्मियों की जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है.
फिलहाल ग्रामीणों की नजर विभागीय कार्रवाई पर टिकी है. लोगों का कहना है कि समय रहते भवन की मरम्मत नहीं हुई तो स्वच्छता प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्था और प्रभावित हो सकती है.
