गणपति उत्सव के विसर्जन के साथ ही सीमांचल के किशनगंज जिला अंतर्गत पौआखाली नगर क्षेत्र में निर्माण और शिल्पकला के अधिष्ठाता भगवान बाबा विश्वकर्मा के पूजनोत्सव की तैयारियां जोरों पर शुरू हो गई हैं.
नगर के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, गैराजों, तकनीकी संस्थानों और घरों में औजारों व मशीनों की साफ-सफाई कर पूजा-अर्चना की रूपरेखा तैयार की जा रही है.
विद्युत उपशक्ति केंद्र में विशेष तैयारी, जेई के नेतृत्व में सजावट
पौआखाली विद्युत आपूर्ति प्रशाखा अंतर्गत विद्युत उपशक्ति केंद्र परिसर में विश्वकर्मा पूजा को लेकर विशेष चहल-पहल है.
- परिसर का सौंदर्यीकरण: कनीय अभियंता (JE) अभय रंजन के सीधे दिशा-निर्देश में सब-स्टेशन परिसर की वृहद साफ-सफाई, रंग-रोगन और विद्युत सजावट का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है.
- दिव्य प्रतिमा की स्थापना: पूजा समिति द्वारा बाबा विश्वकर्मा की आकर्षक व भव्य प्रतिमा स्थापित कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी.
शाम को महाप्रसाद वितरण और भव्य भक्ति जागरण
उपशक्ति केंद्र परिसर में पूजा के दिन केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संध्या का भी भव्य खाका खींचा गया है:
- महाप्रसाद वितरण: पूजा संपन्न होने के उपरांत सांध्य काल में सभी आगंतुक श्रद्धालुओं, तकनीकी कर्मियों और आम नागरिकों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा.
- भक्ति जागरण संध्या: रात में एक शाम बाबा विश्वकर्मा के नाम भव्य भक्ति जागरण का मंच सजेगा. इसमें अंतरजिला स्तर से आमंत्रित सुप्रसिद्ध गायकों और संगीतकारों द्वारा रातभर भक्ति भजनों की सरिता बहेगी.
- कर्मियों में उत्साह: आयोजन को सफल बनाने में विद्युत विभाग के दिलीप कुमार, मनोज राय, सुधीर यादव, निकेश सिन्हा सहित स्थानीय ग्रामीण व तकनीकी कर्मी मुस्तैदी से जुटे हैं.
दिनभर रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त, दो दिन मनेगा उत्सव
पौआखाली के पुरोहित अंजनी कुमार पाठक के अनुसार, पंचांग के हिसाब से इस बार तिथियों का विशेष संयोग बन रहा है:
- 17 सितंबर (गुरुवार): इस दिन सूर्य संक्रांति के साथ दिनभर पूजन का विशेष और श्रेष्ठ शुभ मुहूर्त विद्यमान रहेगा, जिसके तहत अधिकांश सरकारी व निजी प्रतिष्ठानों में पूजा संपन्न होगी.
- बांग्ला पंजिका का प्रभाव: सीमावर्ती इलाका होने के कारण बांग्ला पंजिका को मानने वाले श्रद्धालु व प्रतिष्ठान एक दिन बाद, यानी 18 सितंबर (शुक्रवार) को पूरे विधि-विधान से विश्वकर्मा पूजा का उत्सव मनाएंगे.
पौआखाली विश्वकर्मा पूजा: मुख्य कार्यक्रम विवरण
| आयोजन घटक | विवरण व तय समय |
| प्रमुख आयोजन स्थल | विद्युत उपशक्ति केंद्र, पौआखाली (किशनगंज) |
| निरीक्षण व नेतृत्व | कनीय अभियंता (JE) अभय रंजन |
| मुख्य पूजन दिवस | 17 सितंबर (गुरुवार) — दिनभर शुभ मुहूर्त |
| बांग्ला पंचांग पूजन | 18 सितंबर (शुक्रवार) |
| सांस्कृतिक संध्या | सांध्य महाप्रसाद वितरण एवं रात में भक्ति जागरण |
| सक्रिय सहयोगी दल | दिलीप कुमार, मनोज राय, सुधीर यादव, निकेश सिन्हा व स्थानीय भक्त |
