ARARIA : फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण
राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में टास-1 यानी ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे की सफलता सुनिश्चित करने को लेकर अररिया पीएचसी सभागार में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
अररिया से पंकज कुमार की रिपोर्ट :
राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में टास-1 यानी ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे की सफलता सुनिश्चित करने को लेकर अररिया पीएचसी सभागार में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें टास-1 के लिये चयनित विद्यालयों के शिक्षकों को सर्वे से जुड़ा जरूरी प्रशिक्षण दिया गया. बैठक की अध्यक्षता अररिया बीडीओ अनुराधा कुमारी ने की. प्रशिक्षण कार्यक्रम में पीएचसी प्रभारी डॉ प्रह्लाद कुमार, बीएचएम खतीब अहमद सहित वीबीडीसी सहित अन्य मौजूद थे. गौरतलब है कि टास-1 सर्वे के लिये जिले के 320 स्कूल चिह्नित किये गये हैं. इसमें कुल 12,800 बच्चों का फाइलेरिया ट्रांसमिशन टेस्ट किया जाना है. यह जांच एफटीएस यानी फाइलेरियसिस टेस्ट स्क्रीप्ट किट के जरिये किया जाना है. इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि सामूहिक दवा सेवन अभियान के बाद समुदाय में फाइलेरिया संक्रमण का प्रसार कितना नियंत्रित हुआ है.अधिकारियों ने शिक्षकों को सर्वे की पूरी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि स्कूलों की भूमिका इस अभियान में बेहद महत्वपूर्ण है. बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करना, अभिभावकों को जागरूक करना व जांच के दौरान सहयोग देना शिक्षकों की प्रमुख जिम्मेदारी होगी. एमओआईसी डॉ पीके निराला ने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन रोके जाने योग्य बीमारी है. समय पर जांच व दवा सेवन से इस बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है. उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे इसे केवल स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में लें. बैठक में एफटीएस किट के उपयोग, बच्चों के चयन, रिपोर्टिंग प्रक्रिया व डेटा संकलन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी. साथ ही सभी संबंधित स्कूलों को निर्देश दिया गया कि सर्वे के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें. अधिकारियों ने विश्वास जताया कि शिक्षा विभाग व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से टास-1 सर्वे सफलतापूर्वक संपन्न होगा व जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल होगी.