इंजन की खराबी ने बढ़ाई अभ्यर्थियों की धड़कनें, परीक्षा से पहले ही देनी पड़ी संघर्ष की परीक्षा

Constable Exam: बिहार मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे सैकड़ों परीक्षार्थियों के लिए बुधवार की सुबह भारी तनाव लेकर आई. डायवर्टेड रूट से चल रही गरीब नवाज एक्सप्रेस का इंजन ठाकुरगंज स्टेशन पर अचानक तकनीकी खराबी का शिकार हो गया, जिससे परीक्षा केंद्र पहुंचने की आपाधापी में स्टेशन पर घंटों अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.

ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट

Constable Exam: बिहार में सरकारी नौकरी पाने की जद्दोजहद और युवाओं के संघर्ष की एक बेहद परेशान करने वाली तस्वीर किशनगंज जिला अंतर्गत ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन से सामने आई है. मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली में शामिल होने के लिए किशनगंज जा रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों की सांसें उस समय अटक गईं, जब उनकी ट्रेन तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते में ही खड़ी हो गई. कटिहार-किशनगंज रेलखंड पर चल रहे ब्लॉक के कारण परिवर्तित मार्ग से आ रही अजमेर-किशनगंज गरीब नवाज एक्सप्रेस का इंजन रिवर्सल के दौरान फेल हो गया, जिससे परीक्षा छूटने के डर से स्टेशन परिसर में चीख-पुकार मच गई.

डायवर्ट रूट पर चल रही थी ट्रेन; निर्धारित समय से पहले ही थी लेट

रेलवे परिचालन और इस तकनीकी विसंगति की मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं. रेल सूत्रों के अनुसार, कटिहार-किशनगंज रेलखंड पर जरूरी मेंटेनेंस कार्य चलने की वजह से गाड़ी संख्या 15716 गरीब नवाज एक्सप्रेस को बदले हुए रूट से चलाया जा रहा था. टाइम टेबल के मुताबिक इस ट्रेन को ठाकुरगंज स्टेशन पर तड़के सुबह 2:40 बजे पहुंचकर 2:42 बजे आगे के लिए प्रस्थान करना था.

यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से करीब 40 मिनट की देरी से सुबह 3:22 बजे ठाकुरगंज स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर आकर रुकी. इसके बाद जब लोको पायलट और तकनीकी स्टाफ ने ट्रेन को आगे बढ़ाने के लिए इंजन को रिवर्स करने की प्रक्रिया शुरू की, तभी इंजन में कोई बड़ा तकनीकी फॉल्ट आ गया और ट्रेन वहीं जाम हो गई.

परीक्षा केंद्र का गेट बंद होने का सता रहा था डर; निजी वाहनों के लिए मची भगदड़

“मद्य निषेध सिपाही परीक्षा की प्रथम पाली के लिए बोर्ड द्वारा रिपोर्टिंग का समय सुबह 8:30 बजे तय किया गया था, जबकि हर हाल में सुबह 9:30 बजे परीक्षा केंद्र का मुख्य गेट बंद हो जाना था. ट्रेन के इंजन में खराबी की खबर फैलते ही अभ्यर्थियों में भगदड़ मच गई. सैकड़ों परीक्षार्थी हाथों में अपना प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) लेकर स्टेशन से बाहर सड़क की ओर दौड़े और किशनगंज जाने के लिए निजी बसों और ऑटो चालकों से मिन्नतें करने लगे.”

डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद रवाना हुई ट्रेन; प्रशासनिक मुस्तैदी से बची मेहनत

रेलवे के कनिष्ठ व वरिष्ठ तकनीकी कप्तानों ने मामले की गंभीरता और युवाओं के भविष्य को देखते हुए युद्धस्तर पर मरम्मत का काम शुरू किया. करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इंजन की खराबी को पूरी तरह दूर कर लिया गया. सुबह 3:22 बजे रुकी ट्रेन आखिरकार सुबह लगभग 5:00 बजे किशनगंज के लिए रवाना हो सकी.

भले ही ट्रेन खुल जाने से अभ्यर्थियों ने थोड़ी राहत की सांस ली, लेकिन परीक्षा केंद्र तक समय पर पहुंचने और जाम में न फंसने की चिंता उनके चेहरों पर साफ देखी जा सकती थी. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के दिनों में रेलवे और जिला प्रशासन को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए स्टेशनों पर अतिरिक्त बसों की व्यवस्था मुस्तैद रखनी चाहिए, ताकि भविष्य संवारने निकले इन युवाओं को ऐसी मानसिक फजीहत का सामना न करना पड़े.

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By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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