किशनगंज. खगड़ा मेला गेट के पास शनिवार की रात हथियार लहराने के वायरल वीडियो मामले का पुलिस ने पटाक्षेप कर दिया है, जिसे सोशल मीडिया पर घातक हथियार बताया जा रहा था, वह जांच के बाद महज एक मोबाइल फोन निकला. एसपी संतोष कुमार के निर्देश पर हुई गहन तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वायरल खबर पूरी तरह भ्रामक है.
एसडीपीओ के नेतृत्व में हुई जांच
वीडियो वायरल होने के बाद जिले में हड़कंप मच गया था. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी संतोष कुमार ने एसडीपीओ गौतम कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया. पुलिस टीम ने जब घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो का फ्रेम-दर-फ्रेम विश्लेषण किया, तो सच सामने आ गया. वीडियो में दिख रहा युवक असल में अपने मोबाइल को हवा में लहराते हुए आगे बढ़ रहा था. एसपी संतोष कुमार ने बताया कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा था. उन्होंने स्पष्ट किया कि हवा में लहराई जा रही वस्तु मोबाइल फोन ही है. एसपी ने आम लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि के ऐसी भ्रामक खबरों को साझा न करें, जिससे समाज में भय का माहौल बने.
अपहरण कांड से जोड़कर देखी जा रही थी घटना
इस मामले को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त थीं. दरअसल, दो दिन पूर्व वार्ड संख्या 32 के पार्षद प्रतिनिधि सह जदयू नेता मकसूद अंसारी उर्फ अनवर ने अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण के प्रयास की प्राथमिकी दर्ज कराई थी. कयास लगाए जा रहे थे कि वायरल वीडियो उसी घटना से संबंधित हो सकता है. हालांकि, पुलिस अब इस मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके.
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