ठाकुरगंज में रेल ओवरब्रिज की बहुप्रतीक्षित मांग पर मुख्यमंत्री ने साधी चुप्पी
ठाकुरगंज में रेल ओवरब्रिज की बहुप्रतीक्षित मांग पर मुख्यमंत्री ने साधी चुप्पी
ठाकुरगंज.
मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा को लेकर जहां पूरे जिले में विकास योजनाओं की उम्मीदें थी. वहीं ठाकुरगंज के लोगों को सबसे ज्यादा उम्मीद रेल ओवरब्रिज (आरओबी) को लेकर थी. लेकिन समृद्धि यात्रा के दौरान आयोजित कार्यक्रमों और जनसंवाद में ठाकुरगंज रेल ओवरब्रिज के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं होने से लोगों में नाराजगी व निराशा देखने को मिली. कुल मिलाकर कहा जाए तो समृद्धि यात्रा प्रगति यात्रा की समीक्षा तक सीमित रह गयी तो अतिश्योक्ति नहीं होगी. बताते चले ठाकुरगंज शहर का रेलवे फाटक लंबे समय से जाम व दुर्घटनाओं का कारण बना हुआ है. दिनभर सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन इस रास्ते से गुजरते हैं और ट्रेन के गुजरने के दौरान फाटक बंद होने पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है. कई बार लोगों को आधे घंटे से अधिक समय तक जाम में फंसे रहना पड़ता है. मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और स्कूली बच्चों को स्कूल जाने में भी भारी परेशानी होती है. स्थानीय लोग वर्षों से रेलवे फाटक पर रेल ओवरब्रिज निर्माण की मांग करते आ रहे हैं. व्यापारियों, सामाजिक संगठनों व जनप्रतिनिधियों ने भी कई बार इस मुद्दे को उठाया है. समृद्धि यात्रा के दौरान जब मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ठाकुरगंज पहुंचे तो लोगों को उम्मीद थी कि इस बहुप्रतीक्षित योजना पर कोई घोषणा होगी, लेकिन कार्यक्रम में इसका जिक्र तक नहीं हुआ. इसको लेकर शहर के लोगों में चर्चा है कि ठाकुरगंज जैसे महत्वपूर्ण कस्बे की सबसे बड़ी समस्या को नजरअंदाज किया गया है . लोगों का कहना है कि यदि रेल ओवरब्रिज बन जाता है तो शहर को जाम की समस्या से राहत मिलेगी व आवागमन भी सुगम होगा. फिलहाल समृद्धि यात्रा में इस मुद्दे पर चुप्पी के बाद लोगों की नजर अब सरकार और जनप्रतिनिधियों पर टिकी है कि ठाकुरगंज के इस बहुप्रतीक्षित रेल ओवरब्रिज की मांग कब पूरी होगी.