गांव में ही राष्ट्रीय स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में किशनगंज का एक और मजबूत कदम
किशनगंज. ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किशनगंज जिला लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा है. स्वास्थ्य सेवाओं को केवल उपचार तक सीमित न रखकर अब उन्हें समग्र, सुलभ और मानक आधारित बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. इसी सोच के तहत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को आधुनिक सुविधाओं और व्यवस्थित सेवाओं से सशक्त किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण जनता को अपने ही क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके. इसी कड़ी में आज बलदिया हाट हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाणीकरण एनक्वास के तहत महत्वपूर्ण मूल्यांकन प्रक्रिया से गुज़रा. यह मूल्यांकन न केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का माध्यम है कि ग्रामीण स्तर पर दी जा रही स्वास्थ्य सेवाएं राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हों और हर लाभुक को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा प्राप्त हो.राष्ट्रीय एसेसरों ने परखी हर व्यवस्था, सेवाओं की गुणवत्ता का किया सूक्ष्म निरीक्षण
राष्ट्रीय स्तर के अधिकृत एसेसर डॉ कैप्टन सुनील शबरवाल व डॉ काकुली सिन्हा ने पूरे दिन केंद्र का विस्तृत मूल्यांकन किया. इस दौरान उन्होंने ओपीडी सेवाओं की व्यवस्था, दवाओं के भंडारण एवं वितरण प्रणाली, प्रयोगशाला सेवाओं की कार्यप्रणाली, साफ-सफाई एवं संक्रमण नियंत्रण उपाय, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, मरीज संतुष्टि और अभिलेख संधारण की गुणवत्ता की गहन समीक्षा की. निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि केंद्र ने पिछले समय में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं. मरीजों के लिए प्रतीक्षालय को व्यवस्थित एवं आरामदायक बनाया गया है, सेवाओं की उपलब्धता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया गया है, आवश्यक दवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है. डिजिटल रिकॉर्ड को अद्यतन रखने की दिशा में सराहनीय पहल की गयी है.एसेसरों ने कुछ प्रक्रियाओं में और सुधार की आवश्यकता भी बताई, ताकि सेवा प्रवाह को और अधिक प्रभावी एवं निर्बाध बनाया जा सके.जिला गुणवत्ता आश्वासन समिति की सदस्य सुमन सिन्हा ने कहा कि बलदिया हाट हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की टीम ने गुणवत्ता सुधार के लिए उल्लेखनीय कार्य किया है. टीम की तैयारी और प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जो इस केंद्र को राष्ट्रीय प्रमाणीकरण की दिशा में एक मजबूत दावेदार बनाती है.
प्रमाणीकरण नहीं, बल्कि सतत सुधार की प्रक्रिया
सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणीकरण केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि यह स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर बेहतर बनाने की प्रक्रिया है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर ग्रामीण नागरिक को सुरक्षित, मानकीकृत और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हों. उन्होंने बताया कि बलदिया हाट हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ने जिस गंभीरता से इस मूल्यांकन की तैयारी की है, वह अन्य केंद्रों के लिए प्रेरणादायक है. जिला स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर इसी गुणवत्ता स्तर को प्राप्त करें, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की समानता और पहुंच दोनों सुनिश्चित हो सके.साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं, मरीज फीडबैक सिस्टम और सामुदायिक सहभागिता को इस प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत किया जा सके.
गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था की ओर तेज़ी से बढ़ता किशनगंज
डीपीएम डॉ राज कुमार चौधरी ने कहा कि जिला अब पारंपरिक स्वास्थ्य सेवाओं से आगे बढ़कर गुणवत्ता-आधारित स्वास्थ्य प्रणाली की ओर तेजी से अग्रसर है. राष्ट्रीय प्रमाणीकरण की यह प्रक्रिया न केवल सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बना रही है, बल्कि स्वास्थ्य संस्थानों में जवाबदेही, पारदर्शिता और जनविश्वास को भी मजबूत कर रही है.बलदिया हाट हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का यह मूल्यांकन इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है, जो यह संकेत देता है कि आने वाले समय में जिले की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक सशक्त, प्रभावी और जनकेन्द्रित होगी.
