दिघलबैंक. प्रखंड अंतर्गत मंगुरा गांव की पावन धरती इन दिनों भक्ति, श्रद्धा व आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रही. सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन मंगलवार को हवन-पूर्णाहुति व विशाल भंडारे के साथ विधिवत संपन्न हो गया. इस दिव्य अवसर पर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से हजारों श्रद्धालु उपस्थित होकर कथा श्रवण कर अपने जीवन को धन्य किया. अयोध्या धाम से पधारे प्रख्यात कथावाचक श्री बाल व्यास अमन शास्त्री जी महाराज ने अपनी मधुर वाणी से श्रीमद्भागवत कथा का ऐसा रसपान कराया कि श्रोतागण भाव-विभोर हो उठे. कथा के माध्यम से उन्होंने मानव जीवन के वास्तविक उद्देश्य, धर्म, कर्म व भक्ति के महत्व को अत्यंत सरल एवं प्रेरणादायक ढंग से प्रस्तुत किया. महाराज जी ने कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है, जिसे केवल भौतिक सुख-सुविधाओं में न गंवाकर ईश्वर भक्ति, सदाचार व सेवा में लगाना चाहिए. उन्होंने शिक्षा को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि धर्म व शिक्षा का समन्वय ही समाज को सशक्त व संस्कारित बनाता है. कथा के दौरान उन्होंने कई श्रद्धालुओं को गुरु मंत्र प्रदान कर उन्हें सत्य, अहिंसा व सत्कर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया. उनके उपदेशों ने उपस्थित जनसमूह के हृदय में नयी ऊर्जा व सकारात्मक सोच का संचार किया. कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयोजक जागेश्वर गोस्वामी, उनकी धर्मपत्नी, गणेश कुमार सिंह, हरिनंदन सिंह सहित समस्त ग्रामवासियों का सराहनीय योगदान रहा. सभी ने मिलकर इस आध्यात्मिक महोत्सव को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. समापन के अवसर पर हवन-पूर्णाहुति के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया. यह सात दिवसीय कथा न केवल एक धार्मिक आयोजन रहा, बल्कि यह मानव जीवन को सही दिशा दिखाने वाला एक प्रेरणास्रोत भी बना, जिसने सभी को धर्म, भक्ति व सदाचार के मार्ग पर अग्रसर होने का संदेश दिया.
हवन-पूर्णाहुति व भंडारे के साथ श्रीमद्भागवत कथा संपन्न
हवन-पूर्णाहुति व भंडारे के साथ श्रीमद्भागवत कथा संपन्न
