प्रतिनिधि, ठाकुरगंज
आगामी जनगणना के पहले शहरी क्षेत्र का नक्शा बदलने का निर्देश केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने के बाद इलाके में चर्चा का बाजार गर्म है और वेसे ग्रामीण इलाके के लोगो में चर्चा तेज हो गई है जो प्रस्तावित परिसीमन में अब नगर के सीमा क्षेत्र में आ सकते है. बताते चले केंद्र सरकार ने नया सर्कुलर जारी किया है, जिसमें शहरी समूहों को अपडेट करने का निर्देश दिया गया है.2027 की जनगणना में होने वाली इस कवायद से भारत का आधिकारिक शहरी नक्शा बदलने वाला है.भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त के कार्यालय ने आगामी जनगणना 2027 के लिए शहरी समूहों (अर्बन अग्लोमरेशन) की संरचना को अप टू डेट करने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रोफार्मा का एक सेट भेजा है. पिछले 22 अगस्त को महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के दफ्तर द्वारा जारी यह प्रोफार्मा आधिकारिक रूप से यह दर्शाने के लिए बनाया गया है कि 2011 की जनगणना के बाद से शहरों का विस्तार, विलय या उनका फिर से बंटवारा कैसे हुआ है. नए सर्कुलर के निर्देशों में राज्यों से जनगणना 2011 के शहरी समूहों को सूचीबद्ध करने के लिए कहा गया है जो 2011 की जनगणना के बाद बिना किसी क्षेत्रीय बदलाव के 2027 की जनगणना में जारी रहेंगे. इसके अलावा जनगणना 2011 के शहरी समूहों को 2027 की जनगणना के लिए हटाए जाने का प्रस्ताव देने को भी कहा गया है. सर्कुलर में ऐसे गांवों, नगरों, उपनगरों, कस्बों का विवरण देने को भी कहा गया है, जिनका 2011 की जनगणना के बाद शहरी समूह की किसी भी इकाई के साथ विलय कर दिया गया है.केंद्र ने भेजे पांच प्रोफार्मा
बताते चले केंद्र द्वारा भेजे गए दस्तावेजों में 5 प्रोफार्मा दिए गए हैं जिन्हें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भरना होगा. इन प्रोफार्मा का उद्देश्य 2011 और 2027 के बीच शहरी क्षेत्रों की स्थिति में आए बदलाव को रेखांकित और सूचीबद्ध करना है. प्रत्येक प्रोफार्मा में पहचानकर्ता और 2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या, में डाटा एंड डाटा स्टैण्डर्ड (एमडीडीएस) कोड, वर्ग किलोमीटर में क्षेत्रफल, और विलय या क्षेत्राधिकार परिवर्तन के मामलों में संबंधित सरकारी अधिसूचना या आदेश की जानकारी भी मांगी गई है.अगर परिवर्तन नहीं तो यथावत रहेंगे शहर
सर्कुलर के मुताबिक, जिन शहरों के भौगोलिक क्षेत्र में 2011 की जनगणना के बाद से कोई परिवर्तन नहीं हुआ है, उन्हें वैसे ही हू-ब हू आगे बढ़ाया जाएगा लेकिन जहां नगरपालिका की सीमाएं विस्तारित हुई हैं या आस-पास के कस्बे और गांव शहरीकृत होकर शहरों में समा गए हैं, उन विलयों को संबंधित शहरी समूहों (या) में अधिसूचना संख्या और तिथियों के साथ दर्ज किया जाएगा.ठाकुरगंज नगर का बढेगा दायरा
परिसीमन के बाद ठाकुरगंज नगर का दायरा काफी बढ़ने की आशा लोगों ने जताई है. नगर पंचायत के गठन के 23 साल बाद हो आहे सीमा विस्तार के बाद लगभग 20 हज़ार की आबादी शहरी क्षेत्र में शामिल हो जाएगी . इससे गृहकर आदि मद में नगर पंचायत की भी आय भी बढ़ जाएगी. वर्तमान में पश्चिम की तरफ चुरली उतर और पूर्व की तरफ कनकपुर वही दक्षिण की तरफ पटेसरी पंचायत की सीमा ठाकुरगंज नगर से सटती है. परिसीमन में इन तीनों पंचायतो के कुछ इलाके ठाकुरगंज नगर में शामिल होने की चर्चा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
