एसडीएम व एसडीपीओ ने संभाली कमान, ड्रोन व पुलिस बल की रही मुस्तैदी
किशनगंज. जिले में विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा के समापन के बाद रविवार को पूरे उत्साह व कड़ी सुरक्षा के बीच प्रतिमा विसर्जन संपन्न हुआ. विसर्जन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर दिखा. शहर के विभिन्न घाटों पर दोपहर दो बजे से ही पुलिस अधिकारियों और जवानों की तैनाती कर दी गई थी ताकि विसर्जन प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके.चप्पे-चप्पे पर रही पुलिस की नजर
सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए एसडीएम अनिकेत कुमार और एसडीपीओ गौतम कुमार खुद विसर्जन जुलूस के मार्ग से लेकर विसर्जन घाटों तक मुस्तैद रहे. धोबी घाट के अलावा रुईधासा प्रेमपुल और देवघाट खगड़ा में विसर्जन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कनीय पुलिस पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में व्यवस्था न बिगड़े. वहीं, पुलिस कप्तान (एसपी) संतोष कुमार खुद कंट्रोल रूम से पूरी स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे थे. उन्होंने पल-पल की जानकारी लेते हुए एसडीएम और एसडीपीओ को अंतिम समय तक क्षेत्र में गश्त करने और शांतिपूर्ण विसर्जन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.गांधी चौक से घाटों तक रही हलचल
शहर के मुख्य केंद्रों जैसे गांधी चौक और अन्य प्रमुख चौराहों पर मजिस्ट्रेट के साथ भारी संख्या में पुलिस बल प्रतिनियुक्त किया गया था. दोपहर दो बजे के बाद पूजा पंडालों से विसर्जन जुलूस निकलना शुरू हुआ. धोबी घाट, रुईधासा प्रेमपुल व देवघाट खगड़ा में सबसे ज्यादा विसर्जन हुए. विसर्जन के दौरान बच्चों व युवाओं में गजब का उत्साह देखा गया. मां शारदे को विदाई देते समय भक्तों की आंखें नम थीं, लेकिन ”अगले बरस तू जल्दी आ” के नारों से माहौल भक्तिमय बना रहा. देर शाम तक जिले के अधिकांश पूजा कमिटियों ने अपनी प्रतिमाओं का विसर्जन संपन्न कर लिया. प्रशासन की मुस्तैदी के कारण कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
