मुख्य बातें:
ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट
Drain Cleaning: बिहार के सीमांचल क्षेत्र अंतर्गत किशनगंज जिले के ठाकुरगंज नगर पंचायत क्षेत्र से शहरी बदहाली और प्रशासनिक सुस्ती की एक बड़ी खबर सामने आई है. मानसून की दस्तक के साथ ही नगर प्रशासन द्वारा जलजमाव से निपटने के लिए किए गए तमाम दावों की जमीनी हकीकत उजागर होने लगी है. शहर के वार्ड संख्या-10 स्थित ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर के ठीक सामने मुख्य नाली की आधी-अधूरी सफाई कर भारी लापरवाही बरती गई है. नाली से निकाला गया सिल्ट (गाद) और दुर्गंधयुक्त मलबा सड़क किनारे ही छोड़ दिया गया है, जिससे पूरे इलाके में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडराने लगा है.
मलबे ने बढ़ाई आफत, कलवर्ट में अब भी फंसा है प्लास्टिक
सफाई अभियान की विसंगतियों और जमीनी स्थिति की मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं. स्थानीय नागरिकों के अनुसार, नगर पंचायत के सफाई कर्मियों ने खानापूर्ति करते हुए नाली के भीतर से गाद तो बाहर निकाल दी, लेकिन उसे तुरंत ट्रैक्टर पर लादकर डंपिंग यार्ड में ले जाने की जहमत नहीं उठाई.
नतीजतन, यह मलबा अब मुख्य सड़क पर फैल रहा है. इससे भी बड़ी प्रशासनिक लापरवाही यह है कि जल निकासी का जो मुख्य जरिया यानी कलवर्ट (पुलिया) है, वह अब भी भारी मात्रा में सिंगल-यूज प्लास्टिक, बोतलों और घरेलू कचरे से पूरी तरह चोक (जाम) पड़ा हुआ है.
दोबारा नाली में बह जाएगी गाद, जलजमाव तय
मौसम विभाग द्वारा सीमांचल में भारी बारिश के अलर्ट के बीच इस अधूरी सफाई ने स्थानीय दुकानदारों और निवासियों की चिंता बढ़ा दी है. बुद्धिजीवियों का कहना है कि अगर अगले 24 घंटे में मूसलाधार बारिश होती है, तो सड़क पर फैला यह पूरा मलबा वापस बहकर उसी नाली में समा जाएगा, जिससे नाली पूरी तरह ब्लॉक हो जाएगी. दुर्गा मंदिर के सामने का यह मुख्य मार्ग काफी व्यस्त माना जाता है, जहाँ जलजमाव होने की स्थिति में मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं, महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा.
केवल कागजी औपचारिकता बनकर रह गया सफाई अभियान
“नगर पंचायत की इस लचर कार्यप्रणाली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए वार्ड संख्या-10 के निवासियों ने कहा कि टैक्स वसूलने में आगे रहने वाला प्रशासन नागरिक सुविधाएं देने में हमेशा फिसड्डी साबित होता है. मानसून सिर पर होने के बावजूद कलवर्ट की मुकम्मल सफाई न होना यह दर्शाता है कि स्वच्छता अभियान केवल कागजों पर औपचारिकता निभाने तक सीमित है. हमारी मांग है कि तुरंत जेसीबी (JCB) लगाकर मलबे को हटाया जाए.”
Drain Cleaning: क्या किसी बड़ी महामारी के बाद जागेगा नगर प्रशासन?
सड़क पर बिखरी गाद और कलवर्ट में फंसा कचरा हर गुजरते दिन के साथ ठाकुरगंज नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों की मुस्तैदी पर गंभीर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है. उमस और बारिश के इस मौसम में खुले में पड़ा मलबा मच्छरों और बैक्टीरिया का केंद्र बन चुका है.
स्थानीय समाजसेवियों ने मुख्य पार्षद और नगर कार्यपालक पदाधिकारी से अविलंब इस बदहाल स्थल का औचक निरीक्षण करने, कलवर्ट की सिल्टिंग साफ कराने और मानसून के दौरान जल निकासी व्यवस्था को पूरी तरह सुचारू बनाने की पुरजोर मांग की है.
