Thakurganj Siliguri Single Rail Line: सिंगल ट्रैक रूट पर ट्रेनों की बढ़ती संख्या और क्षमता की कमी के कारण एक ट्रेन के विलंबित होते ही पूरा टाइम-टेबल पटरी से उतर जाता है. शनिवार को कंचन कन्या एक्सप्रेस के लेट होने से शुरू हुआ यह सिलसिला अमृत भारत और महानंदा एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों तक पहुंच गया. रेल यात्रियों ने रेलवे से महीनों पहले घोषित सिलीगुड़ी–अलुआबाड़ी रोड रेलखंड के दोहरीकरण (डबलिंग) कार्य को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने की मांग की है.
कंचन कन्या लेट हुई, तो रुकती चली गईं एक के बाद एक कई ट्रेनें
शनिवार को ठाकुरगंज स्टेशन और इस रूट पर विभिन्न ट्रेनों की लेटलतीफी का पूरा घटनाक्रम इस प्रकार रहा:
- कंचन कन्या व राधिकापुर इंटरसिटी: सुबह गाड़ी संख्या 13149 कंचन कन्या एक्सप्रेस करीब 50 मिनट की देरी से ठाकुरगंज पहुंची. इस वजह से विपरीत दिशा से आ रही 75706 सिलीगुड़ी–राधिकापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस को क्रॉसिंग के लिए अधिकारी स्टेशन पर रोक दिया गया, जिससे वह भी 39 मिनट लेट हो गई. हालांकि, कंचन कन्या ने आगे जाकर अपनी देरी कवर कर ली.
- कटिहार व हल्दीबाड़ी इंटरसिटी: इसके बाद 15719 कटिहार–सिलीगुड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस 47 मिनट विलंब से सुबह 09:45 बजे ठाकुरगंज पहुंची. इस दौरान 15464 हल्दीबाड़ी–बालुरघाट इंटरसिटी एक्सप्रेस को भी ठाकुरगंज में अतिरिक्त समय तक रुकना पड़ा, जिससे बालुरघाट के यात्री परेशान हुए.
- महानंदा और कैपिटल एक्सप्रेस: दिल्ली से आने वाली 15484 महानंदा एक्सप्रेस करीब 50 मिनट विलंब से सिलीगुड़ी जंक्शन पहुंची, जबकि न्यू जलपाईगुड़ी (NJP) से चलने वाली 13245 कैपिटल एक्सप्रेस भी प्रभावित होकर ठाकुरगंज 25 मिनट की देरी से पहुंची.
अमृत भारत एक्सप्रेस के यात्रियों पर टूटी सबसे बड़ी मार
शनिवार को सबसे बदतर स्थिति गाड़ी संख्या 14663 अमृत भारत एक्सप्रेस की रही. यह ट्रेन पहले ही अपने निर्धारित समय से करीब छह घंटे की देरी से चल रही थी. रही-सही कसर सिंगल लाइन ने पूरी कर दी, जब सिलीगुड़ी टाउन स्टेशन पर इसे क्रॉसिंग के लिए करीब दो घंटे तक रोक कर रखा गया. इसके चलते ठाकुरगंज पहुंचते-पहुंचते इस ट्रेन की देरी बढ़कर करीब सवा सात घंटे हो गई, जिससे यात्री भूख और प्यास से बेहाल नजर आए.
डीपीआर और फंड आवंटन की फाइलों में उलझा है दोहरीकरण
एकल रेलखंड की इस गंभीर समस्या और अटकी हुई परियोजना को लेकर स्थानीय रेल उपभोक्ताओं और दैनिक यात्रियों में गहरा रोष है:
"ठाकुरगंज–सिलीगुड़ी रेलखंड पर ट्रेनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सिंगल लाइन होने के कारण एक भी गाड़ी लेट होने पर पूरा रूट ब्लॉक हो जाता है. रेलवे ने कई महीने पहले सिलीगुड़ी–अलुआबाड़ी रोड रेलखंड के दोहरीकरण को दो चरणों (पहला चरण: सिलीगुड़ी–ठाकुरगंज और दूसरा चरण: ठाकुरगंज–अलुआबाड़ी रोड) में पूरा करने की घोषणा की थी. लेकिन यह पूरी योजना आज भी केवल विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) और फंड आवंटन की फाइलों में दबी हुई है. जब तक निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं होता, तब तक सीमांचल और उत्तर बंगाल के लाखों यात्रियों को इस नरकीय लेटलतीफी से मुक्ति नहीं मिलने वाली." — स्थानीय रेल यात्री एवं उपभोक्ता, ठाकुरगंज
यात्रियों ने रेल मंत्रालय और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के उच्चाधिकारियों से इस दोहरीकरण परियोजना को तत्काल बजट जारी कर स्वीकृत करने की मांग की है ताकि रूट पर ट्रेनों का समयपालन (पंक्चुअलिटी) सुधर सके.
