रणविजय/ पौआखाली किशनगंज जिले के चर्चित सीटों में से एक सीट ठाकुरगंज-53 से राजद के सऊद आलम ने पिछले विधानसभा चुनाव में 23887 वोटों के अंतर से यहां जीत दर्ज किया था. यहां तीसरे चरण के तहत सात नवंबर को वोटिंग हुई थी जहां मतदान का प्रतिशत 65.79 रहा था. ठाकुरगंज से कुल 11 उम्मीदवार मैदान में थे. पिछला चुनाव में ठाकुरगंज सीट पर पहली बार सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम की एंट्री से मुकाबला इस सीट पर रोचक रहा था. हालांकि मुख्य मुकाबला महागठबंधन के प्रमुख दल राजद के सऊद आलम और पूर्व विधायक तबके निर्दलीय उम्मीदवार रहे गोपाल कुमार अग्रवाल के बीच रहा था. राजद के सऊद आलम को कुल मतदान का 41.48 प्रतिशत के साथ ही 79909 मत मिले थे तो वहीं निर्दलीय उम्मीदवार गोपाल कुमार अग्रवाल को 29.08 प्रतिशत के साथ 56022 मत मिले थे. इस चुनाव में हार और जीत का अंतर 23887 मतों का रहा था. 2020 के चुनाव में ठाकुरगंज सीट से जिन ग्यारह उम्मीदवार चुनावी मैदान में शामिल थें उनमें राजद से सऊद आलम 79909 मत, निर्दलीय उम्मीदवार गोपाल कुमार अग्रवाल 56022 मत, जदयू से मो नौशाद आलम 22082 मत, एआईएमआईएम से महबूब आलम 18925 मत, निर्दलीय उम्मीदवार मो शाकिर आलम 2701 मत, लोक जनशक्ति पार्टी से मो कलीमुद्दीन 2490 मत, जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक से देवब्रत कुमार गणेश 2479 मत, राष्ट्रीय सेक्युलर मजलिस पार्टी से मो शाहनवाज 1919 मत, शिवसेना के जवान पार्टी से नवीन कुमार मल्लाह 1636 मत और निर्दलीय उम्मीदवार मो शफीर को 1489 मत प्राप्त हुए थे. बहरहाल ठाकुरगंज सीट पर इसबार भी मुकाबला काफी रोचक होने जा रहा है. इसबार प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज पहली बार पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतरने वाली है और ठाकुरगंज से अपना उम्मीदवार के रूप में बंदरझुला पंचायत के मुखिया एकरामुल हक जो जन सुराज पार्टी के जिला यूथ प्रेसिडेंट भी है उनके नाम का घोषणा कर चुके हैं. एकरामुल हक शेरशाहवादी बिरादरी से आते हैं जो पहली बार इस सीट से भाग्य आजमाएंगे. वहीं इसबार एनडीए खेमे से जदयू ने भी बदलाव किए हैं. जदयू ने इसबार नौशाद आलम को ड्रॉप कर पूर्व विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल को टिकट दिया है. गोपाल कुमार अग्रवाल पिछले चुनाव में बतौर निर्दलीय उम्मीदवार रहते हुए भी 56022 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे थें. इसके अलावे राजद से वर्तमान विधायक सऊद आलम की दावेदारी पक्की है तो वहीं टिकट की दावेदारी को लेकर एआईएमआईएम से भी इसबार महबूब आलम के बदले पार्टी सीमांचल के यूथ प्रभारी गुलाम हसनैन या अन्य के नाम का चयन कर सकती है. गुलाम हसनैन को अगर पार्टी टिकट देती है तो वे भी पहली बार इस सीट से अपना भाग्य आजमाएंगे. इसबार इस सीट से लोक जनशक्ति पार्टी चुनाव नही लड़ेगी क्योंकि ये एनडीए के घटक दलों में से एक दल है. हालांकि पूर्व की तरह कई चेहरे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी यहां से देखने को मिलेंगे.
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