किशनगंज जिले के ठाकुरगंज में राजस्व हाट की नवनिर्मित दुकानों के आवंटन को लेकर शुरू हुई प्रक्रिया के अचानक रद्द होने से सैकड़ों आवेदकों को बड़ा झटका लगा है. आवंटन रद्द होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल आवेदकों की ओर से जमा कराए गए ₹100-₹100 के पोस्टल ऑर्डर की राशि को लेकर उठ रहा है. नगर पंचायत की ओर से आवंटन निरस्त करने की सूचना तो जारी कर दी गई, लेकिन जमा पैसे की वापसी पर कोई स्पष्टता नहीं दी गई है.
800 आवेदकों के जमा हैं करीब ₹80 हजार
मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता आलोक यादव ने नगर पंचायत प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. आलोक यादव के अनुसार, राजस्व हाट की दुकानों के लिए लगभग 700 से 800 लोगों ने आवेदन किया था. प्रत्येक आवेदक ने फॉर्म के साथ ₹100 का पोस्टल ऑर्डर संलग्न किया था. इस हिसाब से कुल मिलाकर करीब ₹70,000 से ₹80,000 की राशि नगर पंचायत के पास जमा हुई है. अब जब पूरी प्रक्रिया ही रद्द हो गई है, तो आवेदकों के मन में अपनी जमा पूंजी की वापसी को लेकर संशय बना हुआ है.
राशि वापसी की प्रक्रिया और नियमों पर स्थिति स्पष्ट करे नगर पंचायत
आलोक यादव ने मांग की है कि नगर पंचायत को तत्काल एक नई सार्वजनिक सूचना जारी कर राशि वापसी की प्रक्रिया स्पष्ट करनी चाहिए:
- प्रक्रिया का तरीका: क्या आवेदकों को पैसा वापस पाने के लिए अलग से आवेदन देना होगा?
- आवश्यक दस्तावेज: क्या राशि वापसी के लिए मूल रसीद या पावती जमा करनी होगी?
- समय-सीमा: राशि लौटाने का काम कब से शुरू होगा और कितना समय लगेगा?
₹100 का मामला, लेकिन कुल रकम बड़ी
भले ही प्रत्येक आवेदक के लिए यह ₹100 का छोटा सा मामला हो, लेकिन सैकड़ों आवेदकों को मिलाकर यह एक बड़ी रकम बन जाती है. आवंटन की आस लगाए बैठे लोगों को अब दुकानों से ज्यादा अपने जमा पैसों के जवाब का इंतजार है. सभी की निगाहें अब नगर पंचायत के अगले कदम और आधिकारिक बयान पर टिकी हुई हैं.
