ठाकुरगंज स्टेशन: फुट ओवरब्रिज पर पंखे उतारने और फिर लगाने पर उठे सवाल, RTI में मांगी गई स्वीकृत BOQ कॉपी

ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज से पंखे उतारने और फिर लगाने के मामले ने रेलवे प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरटीआई के जवाब में मांगी गई स्वीकृत BOQ और स्टीमेट की कॉपी से ही इस पूरे खेल का सच सामने आ पाएगा.

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के कटिहार रेल मंडल अंतर्गत ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर नवनिर्मित फुट ओवरब्रिज (FOB) पर पंखे लगाने और उतारने के मामले में रेलवे प्रशासन के विरोधाभासी दावों ने गंभीर विवाद खड़ा कर दिया है.

कुछ समय पूर्व जब इस FOB से पंखों को अचानक उतार लिया गया था, तब रेल अधिकारियों ने औपचारिक तर्क दिया था कि मूल स्टीमेट में पंखों का प्रावधान ही शामिल नहीं था. लेकिन अब आरटीआई (RTI) दाखिल होने के बाद उसी फुट ओवरब्रिज पर पंखे दोबारा लगे नजर आ रहे हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं.

7 जून की शिकायत से 23 अगस्त की आरटीआई तक का घटनाक्रम

पूरे मामले की शुरुआत 7 जून 2026 को दर्ज कराई गई उस शिकायत से हुई, जिसमें नए बने फुट ओवरब्रिज पर यात्रियों की सुविधा के लिए पंखों की व्यवस्था पर सवाल उठाए गए थे.

  • शिकायत के बाद जब जांच की सुगबुगाहट हुई, तो अचानक पंखों को यह कहते हुए उतार लिया गया कि वे मूल 'बिल ऑफ क्वांटिटीज' (BOQ) और स्टीमेट का हिस्सा नहीं हैं.
  • इसके बाद 23 अगस्त को सूचना का अधिकार (RTI) के तहत रेलवे से स्वीकृत स्टीमेट और BOQ की प्रमाणित प्रतियां मांग ली गईं.
  • आरटीआई में यह भी पूछा गया कि 7 जून की शिकायत पर क्या विभागीय कार्रवाई हुई, जांच रिपोर्ट में क्या तथ्य आए और वर्तमान में लगाए गए पंखों की वास्तविक संख्या व प्रशासनिक आधार क्या है.

रेलवे के बयानों में उलझा सच: किस प्रावधान के तहत दोबारा लगे पंखे?

शिकायत और आरटीआई दाखिल होने के बाद फुट ओवरब्रिज पर अचानक फिर से पंखे टंगे दिखने से मामला पूरी तरह पलट गया है. अब स्थानीय यात्रियों और जागरूक नागरिकों के बीच कई तीखे सवाल उठ रहे हैं:

  • यदि पहले पंखे स्टीमेट में शामिल न होने के कारण उतारे गए थे, तो अब वे किस नए नियम या आदेश के तहत दोबारा लगाए गए?
  • क्या आरटीआई के डर से रेलवे ने आनन-फानन में स्टीमेट या BOQ में कोई बैकडेटेड संशोधन किया?
  • क्या पंखों के लिए अलग से कोई अतिरिक्त बजट या प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई?
  • या फिर पूर्व में पंखों को हटाने के समय अधिकारियों द्वारा दिया गया तर्क ही पूरी तरह भ्रामक और गलत था?

रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही खुलेगा सच

अब यह मामला केवल फुट ओवरब्रिज पर पंखा होने या न होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निर्माण कार्यों में प्रशासनिक मनमानी, टेंडर शर्तों की अनदेखी और जनता को गुमराह करने से जुड़ गया है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि आरटीआई के तहत जब स्वीकृत BOQ, स्टीमेट और शिकायत निवारण का आधिकारिक रिकॉर्ड सार्वजनिक होगा, तभी स्पष्ट हो सकेगा कि जिस सामान को गैर-स्वीकृत बताकर हटाया गया था, वह दोबारा किस मद और किस आदेश से लगाया गया.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By बच्छराज

बच्छराज प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. ठाकुरगंज (किशनगंज) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >