ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट
Damage ROB NH 327E: सामरिक और भौगोलिक दृष्टिकोण से देश के सबसे संवेदनशील ‘चिकन नेक’ इलाके को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-327ई (NH-327E) पर स्थित ठाकुरगंज रेलवे ओवरब्रिज (ROB) इन दिनों गहरे संकट से जूझ रहा है. पुल की मुख्य सतह का कंक्रीट पूरी तरह जमींदोज हो चुका है, जिसके कारण पुल के भीतर की मुख्य लोहे की सरिया (Reinforcement Bars) अब नग्न अवस्था में बाहर दिखाई देने लगी है. पुल के बीचों-बीच उभरी सरिया की इस जालीदार भयावह तस्वीर ने न केवल प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है, बल्कि हाईवे पर सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों के मन में पुल की सुरक्षा और मजबूती को लेकर गंभीर संशय पैदा कर दिया है.
आरओबी के बीचों-बीच दिखने लगी सरिया; कंपन से बढ़ रहा खतरा
- सरिया की जाली आई बाहर: आरओबी की ऊपरी तारकोल (बिटुमेन) और कंक्रीट की मजबूत परत पूरी तरह उखड़ चुकी है. पुल के ठीक मध्य में बने गहरे गड्ढे के कारण अंदरूनी सरिया सीधे आसमान की तरफ खुली नजर आ रही है, जो वाहनों के टायरों को भी भारी नुकसान पहुंचा रही है.
- भारी वाहनों का दबाव: इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर से प्रतिदिन असम, बंगाल और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों के लिए हजारों ओवरलोडेड भारी मालवाहक ट्रक और कंटेनर गुजरते हैं. पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से पर जब ये भारी वाहन ब्रेक लगाते हैं, तो पुल में होने वाला कंपन कंक्रीट को और तेजी से तोड़ रहा है.
बार-बार केवल पैचवर्क का खानापूर्ति खेल, जस की तस समस्या
हाईवे अथॉरिटी द्वारा इस पुल पर कई बार केवल पैचवर्क (खानापूर्ति) और ऊपर से कंक्रीट का लेप लगाकर अपनी जिम्मेदारी संधारित कर ली जाती है. लेकिन गुणवत्ताविहीन कार्य के कारण कुछ ही दिनों में सड़क दोबारा उखड़ जाती है. गड्ढे के आसपास अब नई-नई दरारें (Cracks) उभरने लगी हैं, जो पुल के आंतरिक संबल के कमजोर होने का स्पष्ट प्रमाण हैं.
तकनीकी जानकारों की चेतावनी: जंग लगा तो हो सकती है बड़ी आपदा
पुल निर्माण से जुड़े तकनीकी विशेषज्ञों (इंजीनियरों) का स्पष्ट मानना है कि किसी भी आरसीसी (RCC) ब्रिज या संरचना में मुख्य सरिया का वातावरण में इस तरह खुला रहना बेहद खतरनाक कड़ियों को जोड़ता है. यदि यह सरिया लंबे समय तक मानसून की बारिश, हवा की नमी और पानी के सीधे संपर्क में रहती है, तो इसमें तेजी से जंग (Corrosion) लगना तय है. सरिया में जंग लगने से उसकी लोडिंग क्षमता (Load Bearing Capacity) घट जाती है, जिससे पूरा स्पैन या डेक स्लैब अचानक ढह सकता है.
एनएचएआई (NHAI) से विस्तृत तकनीकी जांच और स्थायी समाधान की मांग
ठाकुरगंज के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कप्तानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के मुख्य कप्तानों से मांग की है कि इस अति व्यस्त आरओबी की अविलंब किसी केंद्रीय टेक्निकल टीम से ‘स्ट्रक्चरल ऑडिट’ (Structural Audit) कराई जाए. लोगों ने चेतावनी दी है कि केवल पैचवर्क के नाम पर खानापूर्ति करने के बजाय इसका वैज्ञानिक तरीके से स्थायी ग्राउटिंग और मरम्मत कार्य संधारित किया जाए, अन्यथा देश को पूर्वोत्तर से जोड़ने वाले इस बेहद व्यस्त रणनीतिक मार्ग पर कभी भी कोई बड़ी और भयावह दुर्घटना घट सकती है.
