सितंबर में ठाकुरगंज की सुबह ने चौंकाया, घनी धुंध में छिप गया शहर : 7 बजे तक नहीं हुआ साफ नजारा

सितंबर की सुबह ठाकुरगंज घनी धुंध की चादर में लिपटा रहा, जिसने लोगों को हैरान कर दिया. 7 बजे तक भी दृश्यता इतनी कम थी कि कुछ मीटर दूर की चीजें साफ नहीं दिख रही थीं. जानिए इस असामान्य मौसम की वजह.

ठाकुरगंज : सितंबर माह में मंगलवार की सुबह ठाकुरगंज का मौसम लोगों को हैरान करने वाला रहा. सुबह से ही पूरा इलाका घनी धुंध की चादर में ढका रहा. सुबह 7 बजे तक धुंध का असर कम नहीं हुआ, जिससे कुछ दूरी पर मौजूद पेड़, मकान और दूसरी वस्तुएं भी स्पष्ट दिखाई नहीं दे रही थीं.

27.1 डिग्री तापमान, हवा की रफ्तार महज 1.6 किमी

सुबह 7 बजे ठाकुरगंज में तापमान 27.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि वातावरण में नमी 100 प्रतिशत रही. हवा की रफ्तार भी महज 1.6 किलोमीटर प्रति घंटे थी.

रात में हुई बारिश के बाद वातावरण में पहले से नमी मौजूद थी. अत्यधिक नमी और हवा की बेहद कम गति ने धुंध बनने के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार कर दीं, जिससे सुबह के समय धुंध काफी घनी नजर आयी.

सितंबर में धुंध ने खींचा लोगों का ध्यान

आमतौर पर घनी धुंध और कोहरे को दिसंबर-जनवरी की सर्दी से जोड़कर देखा जाता है. लेकिन इस बार मानसून के दौरान ही सितंबर की सुबह ठाकुरगंज का नजारा बदला हुआ दिखा. घनी धुंध के कारण स्थानीय लोगों के बीच भी इसकी चर्चा रही.

सुबह के मौसम की खास बातें

  • सुबह 7 बजे तापमान 27.1 डिग्री सेल्सियस.
  • वातावरण में 100 प्रतिशत नमी.
  • हवा की रफ्तार महज 1.6 किमी प्रति घंटे.
  • रात में हुई बारिश के बाद बढ़ी नमी.
  • सुबह 7 बजे तक घनी धुंध का असर.
  • सड़कों पर आवाजाही के दौरान कम हुई दृश्यता.

सड़कों पर आवाजाही में हुई परेशानी

सुबह के समय सड़कों से गुजरने वाले लोगों को धुंध के कारण आसपास देखने में परेशानी हुई. कई जगह कुछ दूरी पर मौजूद वस्तुएं भी धुंध में धुंधली दिखाई दे रही थीं. हालांकि, सूरज की रोशनी बढ़ने के साथ धुंध के धीरे-धीरे कम होने की संभावना बनी रही.

बारिश के बाद नमी और शांत हवा बनी वजह

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने और हवा की गति बेहद कम रहने पर सतह के पास धुंध बनने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं. ठाकुरगंज में मंगलवार सुबह दर्ज की गयी 100 प्रतिशत नमी और कम हवा की रफ्तार को भी घनी धुंध की प्रमुख वजहों में माना जा सकता है.

सितंबर में इस तरह की घनी धुंध ने स्थानीय लोगों का ध्यान जरूर खींचा, लेकिन मौसम की इन परिस्थितियों को देखते हुए इसे सर्दियों वाले कोहरे से अलग स्थिति के रूप में देखा जा रहा है.

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लेखक के बारे में

By बच्छराज

बच्छराज प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. ठाकुरगंज (किशनगंज) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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