ठाकुरगंज नगर पंचायत स्थित स्वामी विवेकानंद बस स्टैंड के वर्ष 2026-27 के पार्किंग टेंडर को लेकर बढ़ा विवाद अब पटना उच्च न्यायालय (Patna High Court) के चौखट तक पहुंच गया है. मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नगर पंचायत की टेंडर प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं. अदालत ने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) को याचिका के प्रत्येक आरोप का बिंदुवार जवाब दाखिल करने और टेंडर से जुड़ी पूरी ओरिजिनल फाइल कोर्ट में पेश करने का कड़ा निर्देश दिया है.
क्या है पूरा मामला और याचिकाकर्ता का आरोप?
वर्ष 2025-26 के सफल निविदादाता द्वारा पटना हाईकोर्ट में दायर याचिका के अनुसार:
- फॉर्म जमा करने में रुकावट: याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसने इस बार भी निर्धारित नियमों के तहत टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने का प्रयास किया था, लेकिन उसे आवेदन जमा करने से रोका गया.
- पारदर्शिता का अभाव: आरोप है कि आधिकारिक शेड्यूल को दरकिनार करते हुए गुपचुप तरीके से टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दूसरे पक्ष को ठेका आवंटित कर दिया गया.
हाईकोर्ट ने नगर पंचायत से पूछे ये तीखे सवाल
मामले की सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने टेंडर प्रक्रिया की तिथियों में हुए फेरबदल को लेकर विशेष स्पष्टीकरण मांगा है:
- तारीखें बदलने की वजह: टेंडर नोटिस के अनुसार टेंडर खोलने की तिथियां 23 मार्च, 25 मार्च और 30 मार्च 2026 तय की गई थीं. हाईकोर्ट ने पूछा कि तय तिथियों पर टेंडर क्यों नहीं खोला गया?
- बिना सूचना टेंडर खोलना: अदालत ने यह भी पूछा कि 2 अप्रैल 2026 को टेंडर खोले जाने से पहले क्या आम जनता या निविदादाताओं के लिए कोई नई सार्वजनिक सूचना (Public Notice) या विज्ञापन जारी किया गया था?
16 अप्रैल के मेमो संख्या 579 की मांगी गई ओरिजिनल फाइल
न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं:
- मूल अभिलेख तलब: कोर्ट ने 16 अप्रैल 2026 के मेमो संख्या 579 के आधार पर आवंटित टेंडर से संबंधित पूरी मूल फाइल (Original File) अगली सुनवाई में प्रस्तुत करने को कहा है, ताकि प्रक्रिया की न्यायिक समीक्षा की जा सके.
- जुर्माने की चेतावनी: हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि यदि अगली सुनवाई तक जवाब और मूल फाइल पेश नहीं की गई, तो अधिकारी को ₹2,000 की पेनल्टी पटना उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति में जमा करनी होगी.
24 अगस्त 2026 को होगी अगली सुनवाई
इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है. अब पूरे ठाकुरगंज क्षेत्र की निगाहें उच्च न्यायालय की अगली सुनवाई और नगर पंचायत द्वारा पेश किए जाने वाले स्पष्टीकरण पर टिकी हुई हैं.
