किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड स्थित मुख्य बस पड़ाव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. बस स्टैंड परिसर में जगह-जगह कूड़े-कचरे का अंबार लगा हुआ है, जिससे उठ रही सड़ांध और बदबू के कारण पूरे क्षेत्र का माहौल प्रदूषित हो गया है. रोजमर्रा के सफर पर निकलने वाले हजारों यात्रियों, स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को भारी गंदगी व दुर्गंध के बीच आवागमन करने को मजबूर होना पड़ रहा है.
बीमारियों का खतरा, यात्रियों का रुकना मुश्किल
ठाकुरगंज बस पड़ाव से प्रतिदिन विभिन्न गंतव्यों के लिए हजारों यात्रियों का आना-जाना होता है, लेकिन यहां सुविधाओं की जगह गंदगी से यात्रियों का स्वागत हो रहा है:
- स्वास्थ्य पर मंडराता खतरा: खुले में बिखरा प्लास्टिक, खाद्य सामग्री का बचा अवशेष और सड़ता कचरा न केवल पर्यावरण को दूषित कर रहा है, बल्कि मौसमी व संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ा रहा है.
- बरसात में बदतर हालात: बारिश के मौसम में गीले कचरे से इतनी भीषण दुर्गंध उठती है कि यात्रियों के लिए बस का इंतजार करना भी दूभर हो जाता है.
नगर पंचायत की अनदेखी से बढ़ा आक्रोश
स्थानीय दुकानदारों और व्यवसायियों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित नगर प्रशासन और अधिकारियों से शिकायत कर स्थायी समाधान की मांग की, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है:
स्थानीय निवासियों का कहना: "कचरे का नियमित उठाव न होने से समस्या हर बीतते दिन के साथ विकराल हो रही है. बस पड़ाव किसी भी शहर का प्रवेश द्वार और पहचान होता है. यहां फैली गंदगी से नगर पंचायत ठाकुरगंज की छवि धूमिल हो रही है."
स्थानीय लोगों ने की ये प्रमुख मांगें
बस पड़ाव की नारकीय स्थिति से मुक्ति पाने के लिए स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों ने नगर पंचायत से जल्द से जल्द निम्नलिखित कदम उठाने की अपील की है:
- सफाई अभियान: बस पड़ाव परिसर में प्रतिदिन सुबह-शाम नियमित सफाई की व्यवस्था हो.
- डस्टबिन की उपलब्धता: यात्रियों और दुकानदारों के लिए परिसर में पर्याप्त संख्या में कचरा पात्र (Dustbins) लगाए जाएं.
- कचरा उठाव: डंप किए गए कचरे का रोजाना वाहन के जरिए त्वरित निस्तारण (Disposal) सुनिश्चित किया जाए.
