सीमांचल के किशनगंज जिले अंतर्गत भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से सटे टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय स्थित एकमात्र आधार सेवा केंद्र विगत 17 अगस्त 2026 से लगातार बंद पड़ा है, जिसके चलते पूरे प्रखंड की जनता को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है. प्रखंड की सभी 12 पंचायतों के हजारों ग्रामीणों के लिए संचालित इस एकलौते केंद्र पर प्रतिदिन दर्जनों लोग आधार से जुड़े जरूरी काम कराने पहुंचते हैं, लेकिन मुख्य दरवाजे पर ताला लटका देख उन्हें मायूस होकर बैरंग वापस लौटना पड़ रहा है. नाम, पता, जन्मतिथि व मोबाइल नंबर सुधारने और नवजातों का नया कार्ड बनवाने के लिए सुदूर ग्रामीण इलाकों से आने वाले गरीब मजदूर और छात्र-छात्राएं रोज भटकने को विवश हैं. समस्या के स्थायी समाधान को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) अजय कुमार ने संबंधित तकनीकी एजेंसी और वरीय अधिकारियों को पत्र लिखकर अविलंब केंद्र चालू कराने की मांग की है.
12 पंचायतों की भारी आबादी पर गहराया संकट
टेढ़ागाछ प्रखंड की भौगोलिक स्थिति नदियों और कच्चे रास्तों से घिरी हुई है, जहां आवागमन पहले से ही एक बड़ी चुनौती है:
- दैनिक चक्कर काटने की मजबूरी: प्रखंड की 12 पंचायतों के ग्रामीण भाड़ा खर्च कर 15 से 20 किलोमीटर की दूरी तय करके प्रखंड मुख्यालय पहुंचते हैं. केंद्र पर ताला लटका देख उनका समय और मेहनत दोनों बर्बाद हो रही है.
- अत्यावश्यक योजनाओं से वंचित होने का डर: स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आज के समय में राशन कार्ड ई-केवाईसी, विद्यालय नामांकन, छात्रवृत्ति, किसान सम्मान निधि, बैंक खाता खोलने और वृद्धा पेंशन जैसी हर सरकारी कल्याणकारी योजना के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है. ऐसे में पखवाड़े भर से अधिक समय से केंद्र का ठप रहना ग्रामीणों के अधिकारों पर सीधा प्रहार है.
टेढ़ागाछ आधार केंद्र बंदी: मुख्य तथ्य एक नज़र में
| प्रमुख बिंदु (Key Highlights) | वर्तमान स्थिति एवं विवरण (Details) |
| स्थल | प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर, टेढ़ागाछ (किशनगंज) |
| बंदी की तिथि | 17 अगस्त 2026 से निरंतर बंद |
| प्रभावित क्षेत्र | प्रखंड की सभी 12 ग्राम पंचायतें |
| प्रभावित कार्य | नया नामांकन, बायोमेट्रिक अपडेट, नाम, मोबाइल नंबर व पता संशोधन |
| जनता की मुख्य समस्या | सरकारी योजनाओं, बैंक व स्कूल में दस्तावेज जमा न हो पाना |
| प्रशासनिक पहल | बीडीओ अजय कुमार द्वारा वरीय पदाधिकारियों व विभाग को लिखित पत्राचार |
जनप्रतिनिधियों के आश्वासनों के बावजूद नहीं निकला हल
लंबे समय से बंद पड़े इस केंद्र को लेकर स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और पंचायत प्रतिनिधियों में गहरा रोष व्याप्त है:
- निराशा और आक्रोश: ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने स्थानीय स्तर पर कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रखंड कर्मियों से केंद्र को दोबारा शुरू करने की गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. निजी साइबर कैफे में लोग अवैध वसूली का शिकार होने को विवश हैं या फिर उन्हें जिला मुख्यालय किशनगंज अथवा बहादुरगंज की दौड़ लगानी पड़ रही है.
- प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल: आम जनमानस का कहना है कि इतने संवेदनशील और तकनीकी रूप से जरूरी सेवा केंद्र का 19 दिनों तक बंद रहना प्रशासनिक सुस्ती को दर्शाता है.
बीडीओ अजय कुमार का पक्ष: 'विभाग को भेजी गई है लिखित सूचना'
पूरे मामले पर टेढ़ागाछ के प्रखंड विकास पदाधिकारी अजय कुमार ने संज्ञान लेते हुए कहा:
- आधार केंद्र के बंद रहने और तकनीकी दिक्कतों को लेकर जिला स्तर के संबंधित नोडल विभाग एवं आईटी सेल को औपचारिक रूप से लिखित प्रतिवेदन भेजा जा चुका है.
- ग्रामीणों को हो रही असुविधा को देखते हुए वरीय अधिकारियों से लगातार पत्राचार और दूरभाष पर संपर्क किया जा रहा है, ताकि ऑपरेटर और तकनीकी उपकरणों की समस्या सुलझाकर बहुत जल्द केंद्र का संचालन दोबारा सामान्य किया जा सके.
