महंगाई की मार: कड़वी हुई चीनी की मिठास, 45 से सीधे 60 के पार पहुंचा भाव; रसोई का बजट बिगड़ा

किशनगंज में चीनी के दामों में अचानक उछाल आया है, जो पहले 45 रुपये किलो थी, अब 60 रुपये से ऊपर बिक रही है। इस महंगाई ने आम उपभोक्ताओं के बजट पर भारी असर डाला है।

किशनगंज. महंगाई के बीच किशनगंज के आम उपभोक्ताओं को चीनी की बढ़ती कीमत ने एक और झटका दिया है. स्थानीय खुदरा बाजार में चीनी के दाम में अचानक तेजी देखी जा रही है. कुछ दिन पहले तक करीब 45 रुपये किलो बिकने वाली चीनी अब कई दुकानों पर 60 रुपये प्रति किलो से अधिक कीमत में मिल रही है. दुकानदारों के अनुसार थोक बाजार में कीमत बढ़ने का असर खुदरा बाजार पर पड़ा है.

कुछ दिनों में बढ़ी कीमत, ग्राहकों की बढ़ी परेशानी

स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि चीनी की कीमत में पिछले कुछ दिनों में तेजी से बदलाव आया है. अलग-अलग ब्रांड और गुणवत्ता के अनुसार कीमतों में अंतर भी देखा जा रहा है. हालांकि सामान्य उपभोक्ताओं के लिए अचानक हुई यह बढ़ोतरी परेशानी का कारण बनी हुई है. ग्राहकों को अब रोजमर्रा की जरूरत की इस वस्तु के लिए पहले की तुलना में अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है.

घरेलू बजट पर पड़ा सीधा असर

चीनी का इस्तेमाल चाय, दूध, मिठाई, हलवा, खीर समेत कई खाद्य पदार्थों में नियमित रूप से होता है. ऐसे में कीमत बढ़ने का सीधा असर परिवारों के मासिक बजट पर पड़ रहा है. गृहिणियों का कहना है कि पहले से ही खाद्य तेल, सब्जी, दाल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है. अब चीनी महंगी होने से रसोई का खर्च और बढ़ने की आशंका है.

गृहिणियों ने बाजार निगरानी बढ़ाने की मांग की

गृहिणियों का कहना है कि चीनी रोजाना इस्तेमाल होने वाली आवश्यक वस्तु है. कीमत में एक-दो रुपये की बढ़ोतरी भी महीने के खर्च पर असर डालती है. ऐसे में करीब 20 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी आम परिवारों के लिए चिंता का विषय है. उपभोक्ताओं ने प्रशासन से बाजार में निगरानी बढ़ाने और अनावश्यक मूल्य वृद्धि पर अंकुश लगाने की मांग की है.

चाय-नाश्ता और मिठाई कारोबार भी प्रभावित

चीनी की कीमत बढ़ने का असर चाय-नाश्ता की दुकानों पर भी दिखाई देने लगा है. दुकानदारों के सामने कच्चे माल की लागत बढ़ने की समस्या है, लेकिन वे तत्काल इसका पूरा बोझ ग्राहकों पर डालने की स्थिति में नहीं हैं. मिठाई कारोबारियों के लिए भी बढ़ी हुई लागत चिंता का कारण बन सकती है. यदि चीनी समेत अन्य कच्चे माल की कीमत लगातार बढ़ती रही तो आने वाले दिनों में मिठाई और तैयार खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है.

आपूर्ति और थोक बाजार को बताया जा रहा कारण

व्यापारियों के अनुसार चीनी की कीमत में बदलाव के पीछे आपूर्ति, मांग और थोक बाजार की स्थिति समेत कई कारण हो सकते हैं. बाजार में कीमत लगातार बदल रही है. ऐसे में ग्राहकों को खरीदारी से पहले अलग-अलग दुकानों पर कीमत की जानकारी लेने की सलाह दी जा रही है.

जमाखोरी और कालाबाजारी की जांच की मांग

उपभोक्ताओं ने प्रशासन से बाजार में चीनी के स्टॉक और कीमतों की जांच कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम परिवारों के लिए घरेलू खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है. उन्होंने किसी भी संभावित कालाबाजारी या जमाखोरी पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की.

चाय की चुस्की से रसोई तक बढ़ी चिंता

चीनी की बढ़ती कीमत ने फिलहाल आम लोगों की चाय की चुस्की और रसोई की मिठास दोनों प्रभावित कर दी है. उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि प्रशासन बाजार की स्थिति पर नजर रखेगा और कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी रोकने के लिए आवश्यक कदम उठायेगा.


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By अवधेश कुमार

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