किशनगंज.कर्तव्य का निर्वाह करते हुए अपने प्राणों की आहूति देने वाले पुलिस के अमर शहीदों को मंगलवार को पुलिस लाइन में एसपी सागर कुमार ने शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान पुलिस लाइन के जवानों के द्वारा गॉड ऑफ ऑनर देकर शहीदों को नमन किया गया. एसपी श्री कुमार के साथ साथ अन्य पुलिस कर्मियों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी. एसपी सागर कुमार ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि हमारे पुलिसकर्मियों का शौर्य और बलिदान का इतिहास है. शहीद पुलिसकर्मियों ने देश की रक्षा करते हुए जो बलिदान दिया था, उसकी याद में हर साल पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है. एसपी श्री कुमार ने कहा कि 21 अक्टूबर 1959 को 10 पुलिसकर्मियों ने अपना बलिदान दिया था. तब तिब्बत के साथ भारत की 2,500 मील लंबी सीमा की निगरानी की जिम्मेदारी भारत के पुलिसकर्मियों की थी. इस घटना से एक दिन पहले 20 अक्टूबर,1959 को तीसरी बटालियन की एक कंपनी को उत्तर पूर्वी लद्दाख में हॉट स्प्रिंग्स नाम के स्थान पर तैनात किया गया था. लाइन ऑफ कंट्रोल में ये जवान गश्त के लिए निकले. आगे गई दो टुकड़ी के सदस्य उस दिन दोपहर बाद तक लौट आए लेकिन तीसरी टुकड़ी के सदस्य नहीं लौटे. उस टुकड़ी में दो पुलिस कांस्टेबल और एक पोर्टर शामिल थे. गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए एक टुकड़ी का गठन किया गया. तत्कालीन डीसीआईओ करम सिंह के नेतृत्व में एक टुकड़ी 21 अक्टूबर को निकली. इस टुकड़ी में करीब 20 पुलिसकर्मी शामिल थे. करम सिंह घोड़े पर सवार थे जबकि बाकी पुलिसकर्मी पैदल थे. तभी दोपहर के समय चीन के सैनिकों के हमले में ज्यादातर सैनिक घायल हो गए व 10 वीर पुलिसकर्मी शहीद हो गए जबकि सात अन्य बुरी तरह घायल हो गए. इन सातों घायल पुलिसकर्मियों को चीनी सैनिक बंदी बनाकर ले गए जबकि बाकी अन्य पुलिसकर्मी वहां से निकलने में कामयाब रहे. 13 नवंबर,1959 को शहीद हुए दस पुलिसकर्मियों का शव चीनी सैनिकों ने लौटा दिया. उन पुलिसकर्मियों का अंतिम संस्कार हॉट स्प्रिंग्स में पूरे पुलिस सम्मान के साथ हुआ. उन्हीं शहीदों के सम्मान में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है. एसडीपीओ वन गौतम कुमार, रक्षित डीएसपी, साइबर डीएसपी रवि शंकर व अन्य पुलिसकर्मियों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी.
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