Kishanganj News: किशनगंज जिले के पोठिया प्रखंड स्थित डॉ कलाम कृषि महाविद्यालय, अर्राबाड़ी की छात्रा कुमारी सिबी रानी ने राज्यस्तरीय शोध प्रतियोगिता में शानदार सफलता हासिल कर संस्थान और जिले का नाम रोशन किया है. बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर द्वारा आयोजित 4 एमआरएफ प्रतियोगिता-2026 में उन्होंने अपने शोध कार्य का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण करते हुए तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया. यह सम्मान उन्हें विश्वविद्यालय के 42वें स्थापना दिवस समारोह में बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने प्रशस्ति-पत्र और पुरस्कार प्रदान कर दिया.
महाविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि को संस्थान में गुणवत्तापूर्ण शोध और अकादमिक उत्कृष्टता की मजबूत परंपरा का प्रमाण बताया है. शिक्षकों और विद्यार्थियों में इस सफलता को लेकर उत्साह का माहौल है.
शोध प्रस्तुतीकरण से मिली राज्यस्तरीय पहचान
कुमारी सिबी रानी मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन विभाग की एमएससी (मृदा विज्ञान) की छात्रा हैं. प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने अपने शोध कार्य का वैज्ञानिक और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुतीकरण किया, जिसके आधार पर उन्हें तृतीय स्थान प्राप्त हुआ.
यह प्रतियोगिता बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के स्तर पर आयोजित की गई थी, जिसमें विभिन्न कृषि संस्थानों के शोधार्थियों ने भाग लिया.
ग्रामीण विकास मंत्री ने किया सम्मानित
बुधवार को आयोजित विश्वविद्यालय के 42वें स्थापना दिवस समारोह में बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कुमारी सिबी रानी को प्रशस्ति-पत्र और तृतीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया.
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों और विभिन्न कृषि महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में उनकी उपलब्धि की सराहना की गई.
मार्गदर्शक शिक्षक की रही महत्वपूर्ण भूमिका
कुमारी सिबी रानी ने यह सफलता डॉ मोहसिना अंजुम, सहायक प्राध्यापक-सह-कनिष्ठ वैज्ञानिक, मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन विभाग, डॉ कलाम कृषि महाविद्यालय अर्राबाड़ी के मार्गदर्शन में किए गए शोध कार्य के आधार पर हासिल की.
महाविद्यालय प्रशासन ने कहा कि यह उपलब्धि छात्रा की मेहनत, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और शोध के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है.
Kishanganj News: महाविद्यालय में खुशी का माहौल
महाविद्यालय के सह-अधिष्ठाता एवं प्राचार्य डॉ के. सत्यनारायण ने कुमारी सिबी रानी और उनकी मार्गदर्शक डॉ मोहसिना अंजुम को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता संस्थान में गुणवत्तापूर्ण शोध, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता की सुदृढ़ परंपरा को दर्शाती है.
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ कलाम कृषि महाविद्यालय के विद्यार्थी भविष्य में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर संस्थान और बिहार का नाम रोशन करेंगे.
Kishanganj News: कृषि शिक्षा और शोध के लिए प्रेरक उपलब्धि
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे पुरस्कार विद्यार्थियों को शोध और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं. विशेष रूप से मृदा विज्ञान जैसे विषयों में किए गए शोध भविष्य की कृषि नीतियों, उत्पादकता और टिकाऊ खेती के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं.
डॉ कलाम कृषि महाविद्यालय, अर्राबाड़ी की यह उपलब्धि किशनगंज जिले के शैक्षणिक और कृषि अनुसंधान क्षेत्र के लिए भी एक सकारात्मक संदेश मानी जा रही है.
